कान्तापाल/ नैनीताल – देश की आजादी को 70 वर्ष बीत जाने के बाद, आज भी नैनीताल जैसे प्रतिष्ठित जिले में दूनी गांव के लोग विद्युत प्रकाश की राह देखने को तरस रहे हैं । नैनीताल में जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे ये लोग जिले में ओखलकांडा ब्लॉक के दूनी गांव से आए हैं । इस गांव में आज भी लोग लालटैन और लकड़ी जलाकर रात के अंधेरे को दूर भगाने पर विवश हैं । ग्रामीणों का आरोप है कि सन 2007 में राजीव गांधी विद्युत परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत विद्युत योजना को अभी तक जोड़ा नहीं जा सका है । उन्होंने बताया कि गांव के कुल 25 परिवारों में लगभग 175 लोग रहते हैं । इन लोगों को पढ़ाई, रात्रि कार्य, सुरक्षा, टी.वी., दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे विद्युत आपूर्ति वाले गांव की शरण लेते हैं । इस गांव के इंटर कॉलेज से पढ़े बच्चे हल्द्वानी, नैनीताल, दिल्ली व दूसरे शहरों में पढ़ रहे हैं । यहां गांव में स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट भी नहीं है । यहां से दो किलोमीटर दूर है लाइट की नजदीकी लाइन । ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांग को एक माह में माना नहीं जाता है तो ग्रामीण आंदोलनरत होने को मजबूर होंगे । जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने भी गांव में विद्युत लाइन की जरूरत को जायज बताते हुए जल्द कार्यवाही कर कनेक्शन दिलाने का भरोसा दिलाया है ।
























