करनाल – सेवा भारती के सेवा श्री आश्रम में आज अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन हुआ l ये कार्यक्रम दीपावली के मौके पर बिजली की लड़ियाँ बनाने वाली महिलाओं के सम्मान में आयोजित किया गया l हर बार की तरह इस बार भी दीपावली पर आह्वान किया गया कि अपने घर-प्रतिष्ठानों को स्वदेशी एल.ई.डी. लड़ियों से रोशन करें l स्वदेशी एलईडी लड़ियाँ न केवल उच्च गुणवत्ता वाली हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और बाजार में उपलब्ध लड़ियों से कम दाम पर मिल रही हैं। यह अभियान स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की भावना को बढ़ावा देने पर केंद्रित है l


सेवा भारती ने 6 साल पहले इस अभियान को शुरू किया था। उस समय 11 महिलाएं प्रशिक्षण में शामिल हुई थी और एक दिन में केवल दो लडिय़ां ही बन पाई थीं। लेकिन छह साल बाद अब इस सीज़न में 31 हजार से ज्यादा लडिय़ां बन चुकी है। इन लडिय़ों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। स्वदेशी लडिय़ां पिछले सालों में निर्मित अयोध्या के श्री राम मंदिर की शान बनी थीं। यह लडिय़ां हरियाणा ही नहीं पूरे देश में धूम मचा रही है।इन लड़ियों को बनाने में गांव बस्ती के करीब 250 परिवारों की महिलाओं ने काम किया l इन महिलाओं कोस्वदेशी लड़ियों के इस काम से इन महिलाओं को करीब 8 लाख रूपये की आमदनी हुई l संघोई गांव की रहने वाली कविता ने बताया कि सबसे ज्यादा लड़ियाँ बनाने का काम हमारे संघोई गांव के ग्रुप ने किया जिन्होंने 3588 लड़ियाँ बनाकर 53800 रूपये की कमाई की l हम बहुत खुश हैं और हमारे पास इस काम से जुड़ने के लिए गांव की और महिलाएं भी आ रही हैं l इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा अच्छी लड़ियाँ बनाने वाले ग्रुप को विशेष पुरुस्कार भी दिया गया l प्रथम पुरुस्कार पूनम गांव संघोई ग्रुप को , द्वितीय पुरुस्कार पारुल गांव संघोई ग्रुप को और तृतीय पुरुस्कार संगीता गांव नंगला रोड़ान ग्रुप को प्रदान किया गया l

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त कार्यवाह औरकार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रीतम सिंह ने कहा कि इस धरती के प्रति हम सब का कर्तव्य सेवा करना है , प्रेम और संस्कार से जीना है l पुराने समय के रीति रिवाजों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज घर की बेटी को सिर उठा कर जीने की जरुरत है l हमें हर सामान कपडा, बर्तन हो या सज्जा का सामान अपने देश में बना खरीदना चाहिए l दीपावली का त्यौहार दुनिया के 200 करोड़ से ज्यादा हिन्दू देशों के लोग मनाते हैं , यदि हमारे देश का हर परिवार सिर्फ 100 रुपये भी दीपावली पर लड़ियाँ लेने पर खर्चे तो 5 अरब की स्वदेशी लड़ियाँ बिकेंगीं l अगर चीनी लड़ियाँ खरीदते हैं तो चीन उस पैसे को गलत देशों को देता है जो आतकवाद को बढ़ावा देते हैं l आज का ये कार्यक्रम भले ही देखने में छोटा लग रहा हो पर इसका उदेश्यय बहुत बड़ा है l उन्होंने रामायणकाल का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह रामसेतु बनाने के लिए गिलहरी ने अपना योगदान दिया , और इसी तरह जंगल में आग लगने पर चिड़िया ने अपनी चोंच में पानी भरकर आग पर डाला , यानि योगदान बहुत बड़ा होता है इसी तरह इस काम के पीछे उदेश्यय बहुत बड़ा है l आगे के लिए और अधिक महिलाओं को इसमें जोड़ें ताकि स्वदेशी और स्वावलम्बन का सन्देश पूरे देश में जाए l
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित जैन ने महिलाओं के इस काम की तारीफ करते हुए कहा कि मैंने पहली बार महिलाओं के द्वारा किये गए ऐसे काम को देखा है मैं हैरान हूँ l उन्होंने कहा कि 31000 लड़ियों का
ये पैसा यदि चीनी लड़ियाँ खरीदते तो देश के बाहर जाता l इन लड़ियों के जरिये स्वदेशी का सन्देश समाज ही नहीं पूरे देश में जाता है l
कार्यक्रम के अध्यक्ष एसपी चौहान ने कहा सारे सामाजिक संगठन अगर समाज के लिए सही से काम करें तो बहुत अच्छा होगा l यहाँ महिलाओं द्वारा किया गया ये काम उनके परिश्रम को दर्शाता है और उन्हें
सक्षम बनने की ओर ले जाता है ,क्योंकि किसी भी परिवार के जीवनयापन और तरक्की के लिए रोज़गार जरुरी है l
कार्यक्रम में सेवा भारती के प्रान्त अध्यक्ष यशवीर त्यागी, प्रान्त उपाध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता , कपिल अत्रेजा , सुरेंद्र गोयल, राकेश शर्मा , भूषण गोयल, विपिन अरोडा, महिपाल , देवेंद्र रोहिल्ला , नरेश माटा , राम मेहर ,
भारत भूषण और सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे l