करनाल – उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने करनाल के सेक्टर 6 व 13 में आए दिन कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए 28 अप्रैल रात्रि 12 बजे से एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं जा सकेगा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी और सैंपल लिए जाएंगे, जो लोग पॉजिटिव आएंगे उन्हें घर ही आइसोलेट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा का जरूरी सामान इस क्षेत्र के लोगों को घर पर ही मुहैया करवाया जाएगा। इस क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त विक्रम को नोडल बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि पूरे जिले में लॉकडाउन की बजाए ऐसे क्षेत्रों में लॉकडाउन लगाया जा रहा है, जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है। इससे कोरोना की बढ़ती रफ्तार को कम किया जा सकता है। उन्होंने इस क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और एक सप्ताह तक अपने घरों में रहें। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति में भी कोरोना के लक्षण दिखाई दें, वह अपना टेस्ट जरूर करवाएं। फार्मासिस्ट से दवाई लेकर बीमारी को दबाएं नहीं बल्कि उसका उपचार करवाएं, मामले को पैनिक न बनाएं।।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बैठक में उपस्थित सेक्टर-6 की पार्षद मेघा भंडारी तथा सेक्टर-13 के पार्षद वीर विक्रम कुमार से लॉकडाउन को लेकर चर्चा की और अपील की कि वे लोगों को लॉकडाउन की पालना करने के लिए जागरूक करें ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके।
डीसी ने बताया कि जिले में करनाल से बाहर दिल्ली के करीब 40 प्रतिशत मरीज करनाल के अस्पतालों में दाखिल हैं। उन्होंने मरीजों के साथ आए अटैंडेंट से कहा कि वे अपना टेस्ट जरूर करवाएं ताकि वह कोरोना को आगे न फैलाएं। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिन क्षेत्रों में लॉकडाउन लग चुका है, उन क्षेत्रों के लोगों के लिए जरूरी सेवाएं घर पर मुहैया करवाई जा रही है, उन्हें पास की कोई आवश्यकता नहीं है। इसलिए कोई भी व्यक्ति पास के लिए आवेदन न करें। कोई पास मान्य नहीं होगा। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि लॉकडाउन क्षेत्र में स्थापित सभी बैंक बंद रहेंगे, लोगों की सुविधा के लिए एटीएम सेवाएं जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में कोचिंग सेंटरों के खोलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।























