करनाल – हरियाणा के परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बिना परमिट के चलने वाली प्राईवेट बसों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचनाओं के मुताबिक एक हजार से अधिक बसे हैं जो बिना परमिट के सवारियां ढोहने में लगी है। प्रदेश के सभी अतिरिक्त उपायुक्त जिनके पास सचिव आरटीए का कार्यभार है को निर्देश दिए गए हैं कि इन बसों पर सख्त कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक बस सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है और इसके लिए हरियाणा राज्य परिवहन के सभी जिला महाप्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्राओं के लिए लगाई जाने वाली विशेष बसों का रूट निर्धारित करें ताकि उसके मुताबिक बसों की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ बस डिपों में लगभग 100 बसें इसलिए नहीं चल पा रही हैं क्योंकि वहां कंडक्टर और ड्राईवर पर्याप्त संख्या में नहीं हैं जबकि कुछ जिलों में यह स्टाफ जरूरत से अधिक संख्या में तैनात है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कमी वाले जिलों में स्टाफ उपलब्ध करवाकर ऐसी सभी बसों का रूट पर चलाया जाएगा।
परिवहन मंत्री आज कर्ण लेक करनाल में प्रदेश के सभी महाप्रबंधकों और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित करने के उपरांत मीडिया से बातचीत कर रहे थे। मीडिया द्वारा परिवहन विभाग घाटे में चलने संबंधी पूछे गए एक प्रश्र के जवाब में उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा मुनाफा कमाने के लिए नहीं है बल्कि यह गरीब और सामान्य व्यक्तियों के लिए उपलब्ध करवाई गई सुविधा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन सेवा पूरे भारत में अपनी विशेष गरिमा रखती है और कुछ खामियों के कारण इस सेवा में जो कमी आई है उसे पूरा करने के लिए अधिकारियों से फीडबैक ली जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में बसों का होना जरूरी है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में राज्य परिवहन के बेड़े में किन्हीं कारणों से नई बसें शामिल न होने की वजह से कुछ दिक्कतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा करके बसों की कमी को पूरा करने के प्रयास भी आरंभ किए गए हैं। करनाल में रोडवेज हड़ताल के दौरान सामने आए टिकट घोटाले के एक अन्य प्रश्र पर परिवहन मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी।
इससे पूर्व उन्होंने अधिकारियों की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि जिन जिलों में मैकेनिक या अन्य जरूरी स्टाफ की कमी है उसकी सूचना मुख्यालय को दें ताकि इस कमी को पूरा करने के विकल्प तैयार किया जा सके। इसके अलावा सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने जिला में बसों की संख्या, स्वीकृत पदों के विरूद्ध रिक्त पदों की जानकारी, वोल्वो और वातानुकूलित बसों की नवीनतम स्थिति तथा विभाग से संबंधित अन्य समस्याओं की जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि उनका प्राथमिकता से समाधान करके प्रदेशवासियों को बेहतर परिहवन सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों ने चालकों और परिचालकों के ओवरटाईम के कारण बस सेवा प्रभावित होने और इस समस्या के समाधान के सुझाव भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल से कार्य करें।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.एन. राय ने बताया कि छात्राओं के लिए विशेष बस सुविधा के तहत प्रथम चरण में करनाल, यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला और कुरुक्षेत्र जिलों को शामिल किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में इसका विस्तार करवाया जाएगा। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ऐसी समस्याएं जिनका समाधान मुख्यालय स्तर पर संभव है उसकी जानकारी तुरंत उपलब्ध करवाएं और समाधान में विलम्ब होने की स्थिति पर सीधे तौर पर उनके ध्यान में ऐसी समस्या लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों की तुलना में हरियाणा राज्य परिवहन की स्थिति काफी बेहतर है और जो कमियां हैं उनका विश£ेषण करके उन्हें जल्द दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गुरुग्राम और फरीदाबाद नगरनिगमों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी वोल्वो व वातानुकूलित बसों की संभावनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी बसों में बड़ी बसों के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार मिनी बसों के विकल्प को भी ध्यान में रखें। उन्होंने कहा कि नियमित भर्ती से स्टाफ की कमी को पूरा करने में लम्बा समय लग सकता है इसलिए किसी अन्य माध्यम से स्टाफ की कमी को शीघ्र पूरा किया जाएगा।























