नैनीताल -उत्तराखंडी परम्परा के तहत 111 महिलाओं को दी गई भिटौली

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रिपोर्ट -कांता पाल /नैनीताल – नैनीताल के पाषाण देवी मंदिर में आज 111 शादीशुदा बहनों को भटोली दी गई। पंडित जगदीश चन्द्र भट्ट ने बताया विवाहित बहनों को चैत का महीना आते ही अपने मायके से आने वाली ‘भिटोली’ की सौगात का इंतजार रहता है। इसी परंपरा को निभाते हुए पाषाण देवी मंदिर में बीते वर्ष से भिटौली दी गई है।
आपको बता दें कि उत्तराखंड की संस्कृति, त्योहार और रीति रिवाजों को मनाने का अपना अलग अंदाज है। उत्तराखंड में ऐसे कई त्यौहार या पारंपरिक रीति रिवाज हैं, जो पूरी दुनिया में शायद ही कहीं होंगे। इन्ही में से एक मुख्य लोक पर्व है भिटोली वास्तव में कोई त्यौहार नहीं है, बल्कि यह दशकों से चली आ रही एक सामाजिक परंपरा है। जो हर विवाहित महिला के लिए खास है। भिटौली का मतलब है भेंट करना या मुलाकात करना अपनी विवाहित बेटी या बहन से चैत्र मास के पहले दिन से ही भिटौली का यह महीना शुरू हो जाता है और पूरे महीने भर यह सिलसिला चलता रहता है और हर कोई अपनी सुविधा के अनुसार अपनी बेटी या बहन के घर पहुंचकर उसे भेंट कर उसे उपहार स्वरूप कपड़े, पकवान, व अन्य भेंट करते है