रिपोर्ट -कांता पाल/नैनीताल- जहां पूरे देशभर में आज कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को याद किया रहा है तो वही नैनीताल के कारगिल शहीद राजेश अधिकारी को श्रद्धांजलि दी गई। नैनीताल के तल्लीताल में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने शहीद जवान के स्मारक पर फूल माला चढ़ाकर वीर जवान राजेश अधिकारी को याद किया।
देश की सरहद में दुश्मन घुसपैठियों से अपने बंकर खाली कराने के लिए अपनी जान गवाने वाले महावीर राजेश अधिकारी को देश सलाम करता है। समुद्र सतह से 16000 फीट की ऊंचाई पर सेना की 18 ग्रेनिडियर के दस जवानों की टोली की अगुवाई कर रहे जांबाज राजेश अधिकारी का जन्म सन 1970 में नैनीताल में हुआ था। 30 मई 1999 में कारगिल की तोलोलिंग चोटी पर दुश्मन द्वारा कब्जाए गए बंकरों को दोबारा वापस लेने के आक्रमण में इस बहादुर अधिकारी को गोली लग गई जिसमें उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। लेकिन इस बहादुर फौजी ने अपने जवानों को आगे बढ़ते रहने के आदेश दिए जिसके बाद तोलोलिंग की ऊँची पहाड़ी पर पाकिस्तानी सेना द्वारा कब्जाए बंकर को वापस लेने में भारतीय फौज कामयाब रही। शहीद होने के बाद राजेश को केंद्र सरकार ने भी मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया था।
























