करनाल – आज शाम करनाल पुलिस के बहादुर उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार का पार्थिव शरीर रोहतक से करनाल लाया गया। जहां अंतिम दर्शन के बाद शौक सलामी व पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।
हरियाणा पुलिस के मुखिया बी.एस. संधु वीर उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें पुष्प गुच्छ अर्पित करते किए। इसके बाद वहां मौजूद आई.जी.पी. करनाल रेंज नवदीप सिंह विर्क, पुलिस कप्तान सुरेन्द्र सिंह भौरिया, उप-पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार, निलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने भी पुष्प गुच्छ अर्पित किए। इसके साथ ही वहां पर मौजूद उनके परिजनों व सहकर्मियों द्वारा भी पुष्प अर्पित करते हुए नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई । वहां पर उपस्थित सभी ने परमपिता परमात्मा से इस दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की। जिला पुलिस की सलामी गार्द द्वारा शौक सलामी देकर उनके सम्मान में शस्त्र झुकाए और फिर फायर किए। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था। वीर नरेन्द्र कुमार के परिवार में उनकी पत्नी मीनू, बेटी खुषबु और बेटा निषांत उर्फ विसु हैं। जिनकों सभी ने इस दूख की घड़ी में हौंसला बंधाया।
प्रदेश के डीजीपी बी.एस. सन्धू ने आज कहा कि पुलिस कर्मी की हत्या करने वाले जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। उन्होने यह भी कहा कि शहीद हुए उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार के परिजनों को हरियाणा सरकार की तरफ से 30 लाख तथा बैंक की ओर से 30 लाख समेत 60 लाख की राशि दी जाएगी। अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होने कहा कि बड़े खेद का विषय है कि पुलिसकर्मी नरेन्द्र कुमार डयूटी के दौरान शहीद हो गए। वह रोहतक की अदालत में करनाल से युवती को लेकर पेशी के लिए गए थे। अचानक हमलवारों ने हमला बोल दिया। सब इन्सपैक्टर नरेन्द्र कुमार ने बहादुरी का परिचय दिया। उन्होने अपनी जान की परवाह न करते हुंए युवती को बचाने की कोशिश की। वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने युवती की सास को बचाया। मगर इस हमले में सब इन्सपैक्टर नरेन्द्र कुमार शहीद हो गए। युवती की भी हत्या कर दी गई। हरियाणा पुलिस पर यह हमला कायरतापूर्ण है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ लोगो को राऊंडअप किया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस की नौकरी मुश्किलो से भरी है। कई चुनौतियां सामने है। लेकिन मुझे हरियाणा पुलिस पर विश्वास है कि वह हर चुनौती से निपटेगी। उन्होने यह भी कहा कि कोर्ट कम्पलैक्स में कैमरे भी लगे है। लेकिन पुलिस पर इस तरह से हमला होगा। इसकी उम्मीद कतई नहीं थी कि परिवार के लोग ही ऐसा करेगे। उन्होने कहा कि पुलिस की कोशिश रहेगी कि अपराधियों को न केवल जल्द ही पकड़ा जाए। बल्कि इस केस को फास्ट टै्रक अदालत में ले जाकर जल्द ही सजा दिलवाई जाए। उन्होने यह भी कहा कि जिस महिला पुलिसकर्मी ने युवती की सास की जान बचाई है। उसे हरियाणा पुलिस रिवार्ड देगी। शहीद की विधवा को विभाग की तरफ से पेंशन दी जाएगी। डीजीपी ने यह भी कहा कि शहीद हुए उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार के बेटे को सरकारी नौकरी दिए जाने की सरकार को सिफारिश की जाएगी। डयूटी के दौरान शहीद हुए उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार को शहीद का दर्जा देने पर सरकार फैंसला करेगी। उन्होने यह भी कहा कि पूरा पुलिस महकमा शहीद हुए उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार के परिजनों के साथ खड़ा है। शहीद हुए उपनिरीक्षक नरेन्द्र कुमार हमेशा हरियाणा पुलिस के कर्मियों को न केवल प्ररेणा देते रहेंगे। बल्कि हमेशा याद रखे जाएंगे।























