मुंबई – देश की राजधानी मुबई में महिलाओं को अपराध न सहकर अपराध करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए भाजयुमो मुंबई के अध्यक्ष मोहित कम्बोज के नेतृत्व में संगठन की ओर से अनोखी पहल की गई है और ‘पुलिस ताई माझी आई’ अभियान शुरू किया है।
कम्बोज ने कहा कि आमतौर पर महिलाएं अपने ऊपर होने वाले शारीरिक, मानसिक और यौन हमले के बारे में शिकायत नहीं करवाती हैं। यौन हमले में तो बदनामी के डर से चुप्पी साध लेती हैं, जो बाद में गंभीर अपराध की वजह बनता है। इसलिए भाजयुमो, मुंबई की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अंकिता चौधरी को शहर की ज़्यादा से ज़्यादा छात्राओं, युवतियों और महिलाओं को ‘पुलिस ताई माझी आई’ कंपेन से जोड़ने की जिम्मेदारी सौपी गई है।
जहां मुंबई शहर को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं ढेर सारी ऐसी भी लडकियां या महिलाओं होती हैं,जो अपने छेड़छाड़ या दूसरे यौन अपराध की शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाती हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक पिछले साल मुंबई में बलात्कार की 712 शिकायत दर्ज की गई थी। दरअसल, बलात्कार, छेढ़छाड़ और ब्लैकमेलिंग की ढेर सारी वारदातों की एफआईआर दर्ज नहीं हो पाती, क्यों महिलाएं डरती है कि अगर उन्होंने शिकायत की तो समाज में उनकी ओर बुरी नजर से देखने लगेगा।
घरेलू और कामकाजी लड़कियों और महिलाओं को इस ऊहापोह की अवस्था से निकालने और उन्हें पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने के लिए ही भाजयुमो,मुंबई पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल और अधिकारियों की मदद से ‘पुलिस ताई माझी आई’ कंपेन शुरू किया है। महिलाओं को यह बताया जाएगा कि जिस तरह से वे अपनी मां या बहन से अपनी परेशानी सेयर करती हैं, उसी तरह वे अपने ऊपरे हो रहे अत्याचार की बात को महिला पुलिस के साथ शेयर करें, ताकि अपराधी का पकड़कर दंडिता किया जा सके।
अंकिता चौधरी का कहना है कि भाजयुमो महिला विंग का कार्यकर्ता पीड़ित महिलाओं और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के बीच पुल का कार्य करेंगी। शिकायत करने वाली महिलाओं को पूरा भरोसा दिलाया जाएगा कि उनकी निजता को गुप्त रखा जाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा। सुश्री अंकिता ने कहा कि भाजयुमो मुंबई की महिला विंग की अंकिता ने कहा, घर में हो या बाहर महिलाओं को अकसर यौन शोषण का शिकार होना पड़ता है। कई बार तो अपराधी प्रवृत्ति के पुरुष महिलाओं को ब्लैकमेल करके लंबे समय तक उनका शोषण करते हैं। इस तरह की महिलाओं की मदद के लिए हमारी कार्यकर्ता प्रेरित करेंगी। भाजयुमो छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए स्कूल-कॉलेजों और झुग्गी बस्तियों में भी इस जागरूकता अभियान को चालएगी। स्थानीय महिला पुलिस कर्मियों के नंबर भी महिलाओं को सबको दिए जाएंगे ताकि वे किसी भी संदेहास्पद या आपात स्थिति की सूचना दे सकें।

























