करनाल – कोविड महामारी के दौरान कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही: मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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करनाल – मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोविड महामारी में कालाबाजारी करने वाले लोगों पर सख्ती की जाए, लोगों को चाहिए कि ऐसे समय में सहयोग के लिए हाथ बढ़ाएं, कुछ लोग महामारी के दौरान कालाबाजारी में लगे हैं जो कि ठीक नहीं है। इतना ही नहीं राजनीतिक लोग भी इस महामारी राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि चाहिए कि सभी लोग एकजुट होकर महामारी में सहयोग करें ताकि इस आपातकाल स्थिति से ऊपर आ सकें।
सीएम वीरवार को केसीजीएमसी में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कोविड के प्रबंधों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। केसीजीएमसी आईसीयू बेड के मामले में प्रदेश में अव्वल है। यह बेड की संख्या के हिसाब से रोहतक पी.जी.आई. के समकक्ष हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन जो अस्पतालों में प्रयोग हो रही है, उसकी जांच होनी चाहिए, जरूरत के अनुसार ही ऑक्सीजन का प्रयोग हो। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत हैं, उन्हें तुरंत ऑक्सीजन मुहैया करवाई जाए।  उन्होंने कहा कि करनाल में मरीजों का बोझ बढ़ेगा क्योंकि दिल्ली से भी मरीज करनाल व अन्य प्रदेश के जिलों में आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद केसीजीएमसी में 30 नए आई.सी.यू. बैड का उद्घाटन किया। अब केसीजीएमसी में आईसीयू बेडों की संख्या 90 हो गई है, 20 अतिरिक्त बैड भी शीघ्र ही बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने मीडिया को बताया कि कोविड केसों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत प्रदेश में ऑक्सीजन की आवश्यकता भी बढ़ गई है। पहले 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रदेश की जरूरत थी, अब हालात को देखते केन्द्र सरकार से 300 एम.टी. तक बढ़ाने के लिए कहा गया था, परिणाम स्वरूप 232 मीट्रिक टन तक संख्या बढ़ गई है, इससे काम चल गया तो ठीक, अन्यथा फिर डिमांड करेंगे। दूसरी ओर उड़ीसा से ऑक्सीजन की आपूर्ति लेने के लिए ट्रेन से 5 कंटेनर भेजे गए हैं, 2 कंटेनर हवाई मार्ग से भी गए हैं। इनके आने में करीब 36 घंटे लगेंगे और आज ही एक कंटेनर वहां से प्राप्त भी हुआ है, इन उपायों से कुछ राहत भी मिली है। उन्होंने बताया कि रुड़की ऑक्सीजन प्लांट में कुछ खराबी आ गई थी, जल्द ही इसे ठीक किया जाएगा।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि केसीजीएमसी का दौरा कर आज व्यवस्थाओं का जायजा लिया है, सिविल सर्जन और उपायुक्त से मीटिंग की है। सब ठीक है, ऑक्सीजन टाइम से दी जा रही है। छोटे अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर पैनिक रहता है। अब प्रदेश स्तर पर एक ऐसी व्यवस्था कर दी है कि जो प्राइवेट अस्पताल सिविल सर्जन कार्यालय के साथ अपना पंजीकरण करवाएगा, वह कोविड पेशेंट का इलाज कर सकेगा। उन्होंने कहा कि वह पूरे प्रदेश की व्यवस्था देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली से आने वाले कोविड मरीज से एनसीआर विशेषकर जीटी रोड के जिलों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, दवाइयों की महामारी हो रही है। रेमडेसिविर की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टोसिलिजुमैब की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी न हो, इसके लिए प्रशासन को निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है।
बैठक में उपायुक्त ने जिले की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक कोरोना के 24 हजार 854 केस हो चुके हैं, इनमें से 19 हजार 883 ठीक हो चुके हैं, 231 गंभीर कोरोना मरीजों की मृत्यु हुई, इनमें 92 ग्रामीण क्षेत्रों से और 139 शहरी क्षेत्रों के मरीज थे और 4740 पॉजिटिव केस हैं। अप्रैल मास पर डैथ की रिपोर्ट पर उन्होंने बताया कि करनाल जिला के 70 और बाहर के 64 व्यक्तियों की मौत के बाद उनका दाह संस्कार किया गया। उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख 74 हजार 728 को प्रथम और 35 हजार 187 को द्वितीय कोविड से बचाव की वैक्सीन लगाई गई। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की टीम द्वारा जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है उनकी जानकारी प्राप्त की जा रही है।

केसीजीएमसी में मुख्यमंत्री के आगमन पर उपस्थित करनाल के सांसद संजय भाटिया ने सुझाव दिया कि प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की धांधली हो रही है, जबकि इसकी इतनी किल्लत नहीं है, इनकी जांच करवाई जाए। घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि कोरोना के बढ़ते केसों के दृष्टिïगत प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त हो चुके डॉक्टरों की सेवाएं ले ली जाएं। इससे हैल्थ केयर में आसानी हो जाएगी।