करनाल – उपायुक्त निशांत कुमार यादव व पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने संयुक्त रूप से कोरोना महामारी से बचाव के लिए बनाए गए माइक्रो कंटेनमेंट जोन सेक्टर 6 व 13 में लॉकडाउन की अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेक्टर 13 मेन मार्केट में श्री श्यामा फूडस तथा सबवे के खुले पाए जाने पर उनके मालिक राजेश कुमार व अंकुश के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के सेक्शन 51 से 60, आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई तथा मौके पर ही नगरनिगम की टीम द्वारा उक्त दोनों दुकानों को सील करवाया गया।
डीसी ने सबसे पहले माइक्रो कंटेनमेंट जोन सेक्टर-6 का औचक निरीक्षण किया और नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन का मतलब लॉक डाउन है, ऐसी स्थिति में लॉकडाउन के नियमों की सख्ती से पालना हो। अगर कहीं पर भी लापरवाही नजर आती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यक वस्तुएं, अखबार वितरण, डेयरी, मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने वालों तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों को छोड़कर सभी अधिकारी, कर्मचारियों, व्यापारियों व दुकानदारों पर लॉकडाउन के नियम लागू रहेंगे। किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए घरों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए नगर निगम द्वारा लाइसेंस दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति का प्रशासन द्वारा कोई मूवमेंट पास नहीं बनाया जा रहा है, अगर कोई पास दिखाता है तो वह मान्य नहीं है। एक सप्ताह के लिए घर पर ही व्यायाम करें तथा सैर करने से बचें।
उपायुक्त ने कहा कि माइक्रो
कंटेनमेंट जोन की उच्च अधिकारियों की टीम निरंतर चैकिंग कर रही है। वे स्वयं भी एसपी के साथ समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक सप्ताह तक लॉकडाउन की हिदायतों की पालना करें और कोरोना महामारी से बचें तथा दूसरे लोगों को भी बचाएं।
दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने मैक्रो कंटेनमेंट जोन में बनाए गए नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें। यदि कोई समझाने से नहीं मानता तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के सेक्शन 51 से 60, आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि उक्त क्षेत्रों में लगाया गया लॉक डाउन लोगों के जीवन को बचाने के लिए है, इसमें आम जनता पुलिसकर्मियों का सहयोग करें। इस अवसर पर एसीयूटी प्रदीप कुमार भी उनके साथ थे।























