करनाल- करनाल में शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा को सम्बोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा के प्रभारी विनोद तावडे ने कहा कि आजादी के 75 साल पहले बलिदानियों की बदौलत हमें स्वराज मिला । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सात सालों में गरीब व जरूरतमंद घर तक सुराज लाने का काम किया। गरीब को समाज की मुख्य धारा में लाते हुए उनके जीवन स्तर को उपर उठाने का प्रयास किया गया। गरीब व्यक्ति का 70 साल तक बैंक में खाता नहीं खुला था, परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना चालू करके पूरे देश के लोगों का बैंक में खाता खोलने का काम किया और गरीब महिलाएं जो भोजन बनाने के लिए लकड़ी का प्रयोग करती थी, जिससे उनकी आंखों पर गहरा प्रभाव पड़ता था, उनकी इस टीस को प्रधानमंत्री ने समझा और घर-घर गैस सिलेंडर भेजकर उन महिलाओं के लिए सुराज का सही प्रमाण पेश किया। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसानों के लिए सुराज लाने की बड़ी सोच है। उन्होंने इस सम्मान निधि से किसानों को सुराज में भागीदार बनाया। उन्होंने बताया कि पिछले 70 साल में किसी ने नहीं सोचा कि बिजली चाहिए। आजादी के बाद यदि सुराज शुरू हुआ है तो भारतीय जनता पार्टी के शासन में हुआ है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वह देश में सुराज लाने के लिए अपना योगदान दें और इस देश की आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले शहीदों को सदा नमन करें। उनकी शहादत का परिणाम है कि आज हम सुराज का सपना संजोए हुए है।

प्रभारी विनोद तावडे और प्रदेश अध्यक्ष औम प्रकाश धनखड ने शनिवार को करनाल के रामलीला ग्राउंड में शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। तिरंगा यात्रा की शुरूआत देशभक्ति गीत से शुरू हुई। इस मौके पर वीर शहीदों व मुख्यमंत्री के भाई गुलशन खट्टर व अन्य दो कार्यकर्ताओंं की मृत्यु होने पर उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। तिरंगा यात्रा के लिए कार्यकताओं में भारी जोश था। तिरंगा लिए हुए कार्यकर्ता भारत माता की जय जयकारे के साथ शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए शहीदी स्मारक पहुंचे। अतिथियों ने शहीदी स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। इससे पहले अतिथि द्वारा महात्मा गांधी व बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित किए।
इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, राज गुरु, चंद्र शेखर आजाद जैसे बलिदानियों का सपना अखंड भारत की पूर्ण आजादी का था। नेहरू, जिन्ना और अब्दुला जैसे नेताओं ने सत्ता की चाह में कांग्रेस की शह पर अंग्रेज़ों से मिलकर भारत को खंडित करने का अपराध किया। देश के विभाजन पर लाखों लोगों की असामयिक मौत हुई , करोड़ो लोगों ने विभाजन की पीड़ा सही। बहन बेटियों ने असहनीय त्रासदी झेली। देश आजादी के 75 वे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। युवा पीढ़ी को यह जानने का अधिकार है कि यह विभाजन किसके लिए हुआ। आजादी के संघर्ष के दौरान जिन बलिदानियों ने अखंड भारत की आजादी की बात की उनको फांसी पर लटकवा दिया गया या फिर काला पानी की सजा देकर सेलुलर जेल में डलवा दिया गया। उनकी बलिदानी का इतिहास छुपाया गया। अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल नहीं होते तो भारत के कई और टुकड़े देखने को मिलते। इसलिए अटल जी ने भारी मन से कहा था कि यह आजादी अधूरी है, हमे संपूर्ण आजादी चाहिए।
धनखड़ ने कहा कि भाजपा देश को जोडऩे का काम करती है कांग्रेस देश को खंडित करने का काम करती है। अब देश के जागरूक युवा को मजबूत समाज और देश का निर्माण करना होगा। मजबूत समाज और देश ही बलिदानियों के अखंड भारत के सपने को साकार कर सकता है। मोदी के सशक्त नेतृत्व में देश ने संपूर्ण आजादी की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस इस बात से परेशान हो गई है। कृषि कानूनों पर किसानों को बहका रही है, 370 हटाने पर अब्दुला व महबूबा को बहका रही है, तीन तलाक और सी ए ए पर लोगों की धार्मिक भावनाएं भडक़ा रही है। धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस को नेहरू की देश विभाजन वाली तर्ज पर सत्ता चाहिए। भाजपा को अखंड भारत की सम्पूर्ण आजादी और बलिदानियों का सम्मान चाहिए।
धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस और नेहरू को किस बात का डर था कि अंग्रेजों के साथ मिलकर शहीद भगत सिंह के ऐतिहासिक गांव बंगा को बंटवारे के समय पाकिस्तान को दे दिया गया। सारा देश 15 अगस्त 1947 को आजादी का जश्न मना रहा था और वीर सेनानी भगत सिंह के घर पर मातम छाया हुआ था। शहीद भगत सिंह के चाचा सरदार अजित सिंह ने 15 अगस्त 1947 को ही इस दुख मेंं डलहौजी में प्राण त्याग दिए कि नेहरू ने उनके गांव बंगा को भारत का हिस्सा नहीं रहने दिया। आज भी सरदार अजीत सिंह स्मारक डलहौजी के पास पंचपौल में जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था । उनकी समाधि मौजूद है। यह पाप कांग्रेस ने ऐसे बलिदानी परिवार के साथ किया, जिनकी तीन पीढिय़ों ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को ही अंडेमान-निकोबार को अंग्रेेजों से आजाद करवाकर पोर्ट ब्लेयर के जिमखाना क्लब में तिरंगा फहराया दिया था। यह गौरवशाली इतिहास भी कांग्रेस ने छुपाया।
सांसद संजय भाटिया ने शहीदों का स्मरण कर उन्हें अपने शब्दों से विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज हम सभी जिस खुली हवा और आजादी से सांस ले रहे है, वह शहीदों की बदौलत है। युवा पीढ़ी इतिहास को भूलती जा रही है, उन्हें याद दिलाने और उनमें देश भक्ति का जज्बा भरने के लिए शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिससे हमारी एकता और भी सुदृढ़ हुई है। इस तिरंगा यात्रा में युवा कार्यकर्ता, महिलाओं की विशेष भागेदारी देखी जा रही है। लोगों में तिरंगा यात्रा के प्रति जज्बा है।























