करनाल – करनाल में पराली जलाने वाले 3 किसानो पर FIR दर्ज की गई है और 30 हज़ार जुर्माना किया गया है l इन किसानों की मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री कर दी गई है ,ये किसान दो सीज़न तक एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पायेंगें l पराली की जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग ने 7 कंट्रोल रूम बनाए हैं l गांव कैमला निवासी जसमेर ,दिनेश निवासी गांव फुरलक , विक्की निवासी गांव बीजना पर धान की पराली में आग लगाने पर वायु , प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के अंतर्गत 39 व भारतीय न्याय संहिता ,2003 के अंतर्गत धारा 223 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करवाई गई है l
पराली जलाने से रोकने के लिए उपायुक्त उत्तम सिंह द्वारा जिला स्तर पर खंड ,तहसील और गांव स्तर पर टीमों का गठन कर करीब 750 अधिकरियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है l
कृषि उपनिदेशक डा. वजीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 2024 में भारत सरकार द्वारा आगजनी की जुर्माना राशि बढ़ाकर 2 किलो तक 5,000 रु., 5 किलो तक 10,000 रु. व 5 किलो से ज्यादा पर 30,000 रु. कर दी है। साथ ही आगजनी के दोषी किसान के खिलाफ एफआईआर की जायेगी व उसके मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में रेड एंट्री की जायेगी। डा. वजीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है उन्होंने किसानों से अनुरोध है की वो फसल अवशेषों में आगजनी की घटना को अंजाम न दे। अपितु कृषि यंत्रों की सहायता से पराली का उचित प्रबंधन करे व 1,200 रु. प्रति किले की प्रोत्साहन राशि पाए।























