करनाल- इस बार दीपावली पर स्वदेशी लडिय़ों की धूम

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करनाल- करनाल के सेवा श्री आश्रम में बन रही स्वदेशी लडिय़ां अब विदेशी लडिय़ों पर भारी पड़ रही हैं। सेवा भारती ने 6 साल पहले इस प्रकल्प को शुरू किया था। उस समय 11 महिलाएं प्रशिक्षण में शामिल हुई थी और एक दिन में केवल दो लडिय़ां ही बन पाई थीं। लेकिन छह साल बाद अब इस सीज़न में तीस से पैंतीस हजार लडिय़ां बन चुकी है। इस प्रकल्प में लगभग 1100 महिलाएं जुड़ चुकी है। इसमें शामिल महिलाएं अब तक एक सीज़न में 60 से 70 हज़ार रुपये तक कमा लेती हैं । इन लडिय़ों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। स्वदेशी लडिय़ां पिछले सालों में निर्मित अयोध्या के श्री राम मंदिर की शान बनी थीं। यह लडिय़ां हरियाणा ही नहीं दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब जम्मू काश्मीर उत्तराखंड महाराष्ट्र उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्योंं में धूम मचा चुकी है। इसके साथ साथ यहाँ से लोग इन लड़ियों को खरीदकर अपने रिश्तेदारों को कनाडा , आस्ट्रेलिया , यूएसए में भी भेज रहे हैं l
हर साल की तरह करनाल के सेवा भारती के प्रांत कार्यालय सेवा श्री आश्रम में  दीपावली से पहले लडिय़ां बनाने का काम चल रहा है। यहां से बस्ती और गांव की महिलाए अपने घरों में लडियां बनाने का सामान ले जा रही हैं। यहां  पर लड़ियों का काम कर रही कविता पारुल,सुमन, पूनम , शीला, रानी, रीना, रीटा ने बताया कि उनकी आय इससे पहले से अधिक बढ़ी है। पहले वह अपने पति पर निर्भर थी लेकिन आज वह स्वयं पर निर्भर हैं। उन्होंने बताया कि वह सामान लेकर घर पर जाती हैं और लडिय़ां बना कर यहां लेकर आती हैं। उनका सहयोग घर पर परिवार के सदस्य भी देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री ने भी इसकी सराहना की है।
इस अवसर पर सेवा भारती के कोषाध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रयास की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी लडिय़ों ने आज कई महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है l  उन्होंने कहा कि इन लडिय़ों का छह साल तक कुछ नहीं बिगड़ता हैं। इन पर बारिश, धूप या आंधी का प्रभाव नहीं पड़ता है। यह लडिय़ां रिपेयर की जा सकती हैं। सेवा भारती के प्रांत पदाधिकारी सुरेंद्र गोयल ने बताया कि इन लडिय़ों ने स्वदेशी बनाम विदेशी के बीच निर्णायक जंग छेड़ी थी। शुरुआती  दौर में चुनौती अधिक थी। आज समाज में बदलाव दिखा है। विदेशी लडिय़ों के सामने एक सशक्त विकल्प प्रस्तुत किया है। आने वाले दिनों में स्वदेशी लडिय़ां देश मे हर तरफ धूम मचाएंगी। उन्होंने बताया कि विदेशों में भी बच्चे इन्हें मंगा रहे हैं।
इस अवसर पर सेवा भारती के पूर्णकालिक राममेहर ने कहा कि  इन लडिय़ों के इस्तेमाल से समाज की सोच बदल रही है। यदि यह लडिय़ां खराब हो जाएं तो इनको लेकर उनके पास जा सकते हैं। यह सामान यूज एंड थ्रो नहीं हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में यह लडिय़ां सजावट के काम आ रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली के राष्ट्रपति भवन संसद प्रधानमंत्री कार्यालय सहित इंडिया गेट सहित तमाम प्रशासनिक सरकार के मुख्यालयों पर ये लड़ियां सजेंगी। इस अवसर पर सेवा भारती के जिला प्रमुख विपिन अरोड़ा ने बताया कि इन लडिय़ों को लेकर लोगों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार नगर निगम तथा सरकारी उपक्रम मंत्रालय स्वदेशी लडिय़ों के साथ स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग अधिक करें तो बात बन सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री स्वदेशी लडिय़ों का प्रचार कर रहे हैं  तो राज्य सरकारों को भी इनका प्रयोग करने के लिए आदेश जारी करना चाहिए। इस अवसर पर सेवा भारती के स्वामी अमृतानंद ने कहा कि वह सोनीपत आश्रम में पिछले छह सालों से यही लडि़्यां लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को दीपावली के उपहार में स्वदेशी लडिय़ों को भी शामिल करना चाहिए।