करनाल- धान घोटाले मामले में एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि धान खरीद के मामले में कल हमें दो शिकायत मिली थी ,इनमें एक शिकायत डीएफएससी करनाल और दूसरी शिकायत मार्केट बोर्ड के डीएमईओ करनाल द्वारा दी गई। जिसमें तरावड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है l एक मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी एक खाद्य आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है l दोनो ही जगह धान का स्टॉक कम पाया गया एक जगह पर 2.50 करोड़ के आसपास और दूसरी जगह 3.50 करोड़ रुपए की धान कम पाई गई। एसपी ने कहा दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है,जाँच में जिसकी भी मिली भगत पाई जाएगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
मिली जानकारी के अनुसार मैसर्ज बटान फूड्स सलारू करनाल के संचालक सतीश कुमार तथा अनाज मंडी घरौंडा के निरीक्षक यशवीर सिंह, अनाज मंडी जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ तथा अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया। दूसरी शिकायत हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड(एचएसएएम)के डीएमईओ ईश्वर सिंह की ओर से तरावड़ी मंडी बोर्ड के सचिव संजीव सचदेवा और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उप निरीक्षक रामफल के खिलाफ वहां के पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2)और 318(4)के तहत मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में करीब 5 करोड़ 93 लाख रुपए का धान फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान कम पाया गया।
फिजिकल वेरीफिकेशन में पता चला कि मिल को खरीद सीजन के दौरान 25 अक्तूबर तक 25 हजार 1 सौ 29 क्विंटल धान मिलिंग के अलॉट की गई थी। मैसर्ज बटान फुडस गांव सलारु को मिलिंग के लिए अलाट की धान की भौतिक जांच के लिए एस.डी.एम. करनाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान गठित टीम को मिल संचालक सतीश कुमार की मौजूदगी में बटान फूडर्स गांव सलारू में 33 हजार 2 सौ 54 बैग तथा भाटिया ओपन प्लेटी जुंडला में 30 हजार 8 सौ 53 बैग की गिनती करवाई गई। लेकिन भाटिया ओपन प्लेटी जुंडला में दिखाया गया 30 हजार 8 सौ 53 बैग बटान फूडर्स सलारू के नहीं थे ही नहीं। यहीं नही रिकॉर्ड अनुसार उक्त राईस मिल द्वारा दो अलग-2 स्थानों पर पैडी रखने बारे कार्यालय से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।
जुंडला मार्किट कमेटी द्वारा एक अलग रिपोर्ट पेश की गई है कि जो धान भाटिया ओपन प्लेटी जुंडला में दिखाया गया है, वो धान बुटान फूडर्स गांव सलारू का नहीं है। ये धान जुंडला के दूसरे राइस मिलों का है। धान खरीद में फर्जीवाड़ा सामने आते ही फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों में मैसर्ज बटान फूड्स सलारू करनाल के संचालक सतीश कुमार तथा अनाज मंडी घरौंडा के निरीक्षक यशवीर सिंह, अनाज मंडी जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ तथा अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया।
फिजीकल जांच में 855 मीट्रिक टन धान कम पाए जाने पर केस दर्ज किया गया l डीसी उत्तम सिंह के निर्देश पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड(एचएसएएम)के डीएमईओ ईश्वर सिंह की ओर से तरावड़ी मंडी बोर्ड के सचिव संजीव सचदेवा और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उप निरीक्षक रामफल के खिलाफ वहां के पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहित की धारा 316(2)और 318(4)के तहत मामला दर्ज कराया गया है। डीसी उत्तम सिंह के निर्देश पर एडीसी सोनू भट्ट के नेतृत्प में एक टीम जिसमें हैफेड, डीएफएससी व एचडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि शामिल थे, ने 27 अक्तूबर को सांभली में बीआरसी ओवसीज के यहां धान के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान वहां 59049 बोरी धान(2538.720 मीट्रिक टन के बराबर धान)और 1742 मीट्रिक टन चावल(2600 मीट्रिक टन धान के बराबर)पाया गया। जबकि रिकार्ड में मिल द्वारा 159833 बोरी धान प्राप्त किया दिखाया गया है। यानि यहां 855 मीट्रिक टन का स्टॉक कम पाया गया। जांच से बचने के लिए तीनों फर्मों ने संयुक्त रूप से स्टॉक को एक ही स्थान पर रखा। दोनों अधिकारियों ने अपनी सीमा से बाहर जाकर तीनों फर्मों को एक स्थान पर धान के स्टॉक की अनुमति दी। अब तक की मिली जानकारी के अनुसार मिलर्स और अफसरों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।























