विशेष – जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के नाम का इस्तेमाल कर जो हुआ वो किसी भी देशवासी के लिए बेहद शर्मनाक था l 20 जुलाई को जब ये उपद्रवी संसद की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस से इनकी हिंसक झड़प हो गई जिसमें 150 से अधिक पुलिसवालों को चोटें आई और कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें लगी l लेकिन इस आंदोलन को कई लोगों के द्वारा अपने हितों के लिए छात्र आंदोलन का नाम लेकर बड़ा किया जा रहा है लेकिन असलियत में वो कहीं पीछे छूट गया था और देश विरोधी एजेंडा , अश्लीलता ,गन्दगी ज्यादा शुरू हो गई थी , जो बताने तक के लायक नहीं , न जाने कहाँ कहाँ से उपद्रवी आये थे l जिसमें देश विरोधी नारे लिखे गए ,लगाये गए देश के प्रधानमंत्री के लिए जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था ऐसा मॉडल दुनिया के किसी देश के लोगों ने पेश नहीं किया होगा l और इसके बावजूद उन पर कार्यवाही न करने की बात हो रही है यदि ऐसा हो तो कानून और संविधान कहाँ रह जायेगा कोई भी सड़क पर बैठकर कुछ भी करेगा l
क्या आप जानते हैं साधु और संतों का भी एक आंदोलन हुआ था जिसकी मांग थी कि गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हो l तब 7 नवंबर 1966 को दिल्ली में संसद के बाहर गौ-रक्षा आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 8 संतों की मौत हुई थी l साधु संतों का यह मार्च गौ हत्या के विरोध में कानून लाने के लिए था l यह घटना गोपाष्टमी वाले दिन घटित हुई थी, जब स्वामी करपात्री महाराज और विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में देश भर से साधु-संत व गौ-भक्त गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संसद के सामने एकत्र हुए थे।
सब साधु संतों की एक ही मांग थी कि गौहत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगे यह मांग आंदोलन का रूप ले चुकी थी और जैसे ही इकट्ठा होकर संत समाज संसद की और कूच करने लगे सरकार ने आंदोलन को रोकने के लिए लाठीचार्ज और गोली चलाने का आदेश दे दिया l उन पर लाठीचार्ज शुरू हुआ और भीड़ को तीतर बितर करने के लिए गोलीबारी कर दी गई l जबकि साधु संतों का आंदोलन शांतिप्रिय था l मौके पर ही 7 संतो की मौत हो गई l इस विषय में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 8 संतों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई और 830 के करीब साधु संत घायल हुए थे l लेकिन इस मामले के जानकारों के मुताबिक , अनगिनत साधु संतों की मौत हुई थी जिसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई l


























