रिपोर्ट -मैनपाल कश्यप /करनाल : करनाल में पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन चुकी है। पूरे शहर में हर जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। हड़ताल के दस दिन पूरे होने के बाद शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों, कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। पिछले 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 350 से 400 टन तक अतिरिक्त कूड़ा जमा हो चुका है। बदबू और गंदगी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं आज करनाल में उस समय हालात और ज्यादा बिगड़ गए जब हड़ताली कर्मचारियों ने कूड़े से भरी ट्राली कोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते में पलट दी। इस घटना के बाद लोगों में भारी रोष देखने को मिला और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।
आज करनाल में हड़ताल ने उस वक्त उग्र रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों ने कोर्ट की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर कूड़े से भरी ट्राली खाली कर दी। हालत यह रही कि पूरे रास्ते में कचरा और शौचालय की गंदगी फैल गई। वहां से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आम नागरिकों ने इस हरकत को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए जनता को परेशान करना बिल्कुल गलत है। लोगों का कहना है कि न्यायालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र के रास्ते को गंदगी से भर देना बेहद गैरजिम्मेदाराना कदम है और प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों की चिंता इस बात को लेकर और भी बढ़ गई कि सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में आगामी दिनों तक स्थिति और खराब होने की आशंका है। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी l
कर्मचारियों ने ‘झाड़ू उठाओ’ प्रदर्शन के तहत नगर निगम से लेकर मुख्य बाज़ारों से होते हुए लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला । हाथों में झाड़ू और बैनर लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को आज भी स्थायी रोजगार और सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पा रहा, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ा है।
























