Karnal: सिर्फ मोदी का नाम, लोगों में नेता अनजान

0
349

Karnal: लोकसभा के चुनाव प्रचार से तो अब साफ हो गया है कि बीजेपी का चेहरा केवल प्रधानमंत्री मोदी ही हैं l बीजेपी के उम्मीदवार तो अब अपने इसी सरूर में मशगूल है कि चलो इसी बहाने उम्मीदवारों का रास्ता आसान हो गया नहीं तो खून पसीना बहाकर भी ऐसी संतुष्टि नज़र नहीं आनी थी l जैसे कि बीजेपी के उम्मीदवार अभी से अपनी जीत के सपने संजोय न केवल घूम रहे हैं बल्कि पार्टी के बड़े पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं की सलाह के मुताबिक बस प्रचार में ही लगे हुए हैं l आम आदमी से न कोई सवाल न कोई जवाब न ही कोई समस्या को जानना , बस प्रचार का मतलब गाड़ी में बैठकर ज्यादा से ज्यादा किलोमीटर का सफर करके जैसे कि गांव ,कालोनी का नाम पता मालूम करना और हाथ जोड़कर फोटो खिचवाना ही पहली प्राथमिकता दिखाई दे रही है l क्योंकि प्रचार तो मोदी का मीडिया के जरिए हर रोज ही हो रहा है और लोग उनकी बात को सुन भी रहे हैं l बीजेपी द्वारा जारी प्रचार रथों में भी केवल मोदी की फोटो है जो यह दर्शाती है कि सब उम्मीदवारों द्वारा  केवल मोदी के जरिए ही नैया पार लगाने की बात की जा रही है बस l

रियल ट्रुथ की टीम ने जब अलग अलग क्षेत्र के लोगों से बात की तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमें तो मोदी को दुबारा प्रधानमंत्री बनाना है ,यहाँ के उम्मीदवार से तो हम परिचित नहीं हैं l अब नए सांसद के बनने के पश्चात ही पता चलेगा कि वह अपने कार्य के प्रति जवाबदेह होगें या पहले जैसे सांसदों की तरह दिल्ली जाकर तो नहीं बैठ जाएंगे, पर यह तो वक्त ही बताएगा ,अभी तो वोट केवल मोदी को ही है l दबी जुबान में जो नेता वोट मांगते घूम रहे हैं वह साथ में ही यह भी कह रहे हैं कि सारा खेल सिर्फ मोदी का है कि जनता का इतना समर्थन मिल रहा है l
कई गांवों में जाकर लोगों के विचार जानने के लिए उनसे सवाल किये कि आप लोकसभा चुनाव में किसे वोट दोगे तो ज्यादातर लोगों रोशनलाल, सतीश कुमार ,विकास  ने मोदी का नाम लिया पर कई ग्रामीण अमित, प्रेमदत्त ,रणदीप सिंह अपने स्थानीय मुद्दों की वजह से नाराज नज़र आये उन्होंने कहा  कि हमें झूठ बोलकर गुमराह किया गया है जो वायदे किये गए उसमें से कुछ पूरे नहीं हुए ,अधिकारियों तक से मिले पर समस्या जस की तस बनी हुई हैं और वायदे हवा हवाई नज़र आये हैं  l यानि समस्या का निदान यदि समय पर नहीं किया जाए तो विरोध होना भी लाजमी है l ऐसा भी देखा जा रहा है कि चुनाव लोक सभा का हो रहा है और जनता को सिर्फ यह पता है कि उनके विधायक या मंत्री ने कोई काम नहीं किया तो उनका गुस्सा उन पर ही फूट रहा है l और ऐसे भी लोग हैं जो देश के लिए क्षेत्रवाद,जातिवाद से ऊपर उठकर वोट देने की बात कर  रहे हैं l