अजमेर- एंटी करप्शन टीम ने पावर हाउस में एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया

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किशोर सिंह / अजमेर – मामले के बारे में जानकारी देते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी इस्माइल खान ने बताया कि अजमेर के रहने वाले देवेंदर और मनोहर सिंह नाम के दोनों भाइयों ने एंटी करप्शन ब्यूरो में आकर एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने बताया था कि शास्त्री नगर पावर हाउस में कार्यरत प्रवीण  शर्मा नाम के कर्मचारी ने अपने आपको डिस्कॉम का जेईएन बताते हुए  इन की दुकान पर नए बिजली के डोमेस्टिक कनेक्शन के लिए इन पर बिजली चोरी करने का आरोप लगाते हुए 24000 रुपए का जुर्माना वसूलने की धमकी दी जिसके बाद इस रिश्वतखोर प्रवीण शर्मा ने  इन दोनों भाइयों से ₹7 हजार 500 रुपये में सौदा तय किया , ओर सौदा तय  होने के बाद पीड़ित देवेंद्र और मनोहर ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और इस रिश्वतखोर प्रवीण शर्मा के बारे में समस्त जानकारी दी l जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने इस रिश्वत को और प्रवीण शर्मा के खिलाफ जाल बुना  तो बात निकलकर सामने आई कि यह रिश्वतखोर प्रवीण शर्मा डिस्कॉम का कर्मचारी नहीं था बल्कि जो अजमेर की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में जिस टाटा पावर कंपनी को दी गई है यह उसमें काम करने वाला कर्मचारी था l

इस सत्यापन के बाद एंटी करप्शन की टीम ने आज पीड़ित देवेंद्र और मनोहर को इस रिश्वतखोर प्रवीण शर्मा के पास 7 हजार 500 रुपए कलर लगे नोटों के साथ भेजा और जैसे ही पीड़ित भाइयों ने इस रिश्वतखोर पर प्रवीण शर्मा को 7 हजार 500 रुपए के नोट दिए l उसी दौरान एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों प्रवीण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया l  फिलहाल आप एंटी करप्शन की टीम इस बात की पुष्टि करने में जुटी है प्रवीण शर्मा के साथ टाटा पावर के और कौन-कौन से कर्मचारी या डिस्काउंट के कोई कर्मचारी इस रिश्वत के खेल से तो नहीं जुड़ा है फिलहाल यह सब चीज की जांच में और एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जुट चुकी है l