करनाल – आज पुलिस ने गत दिनों मुगल कैनाल के एक एस.सी.ओ. से नोटो से भरी सेफ की चोरी के संबंध में मुख्य आरोपी को गिरफतार कर लिया l पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि मुख्य आरोपी कोई और नहीं बल्कि बैंक मैनेजर ही है l पुलिस ने मामले को ट्रेस कर वारदात के मुख्य आरोपी को गिरफतार कर लिया व उससे चोरी के 5,00,000 लाख रूपये भी बरामद किए हैं । उन्होंने बताया कि उससे पूछताछ के बाद उसके अन्य साथियों के नाम भी पुलिस के सामने आ चुके हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफतार किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने की 24 तारीख को मुगल कैनाल करनाल पर एस.सी.ओ. नं0-111 स्थित स्वाधार फाईनेंस कम्पनी के सभी कर्मचारी शाम के समय आफिस बंद करके चले गए थे। अगली सुबह कर्मचारियों ने आकर देखा तो स्टाक चैम्बर का ताला टुटा हुआ था और जिस तिजौरी में शाम के समय वे पैसे रखकर गए थे, वो तिजौरी ही वहां से गायब थी। कंपनी के कर्मचारियों ने वारदात की सूचना पुलिस को दी, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया व इस संबंध में थाना सिविल लाईन में मुकदमा नं0- 246/25.03.18 धारा 457,380 भा.द.स. दर्ज कराया गया ।
पुलिस अधीक्षक करनाल जषनदीप सिंह रंधावा ने इस केस की जाँच की जिम्मेवारी सी.आई.ए-1 इन्चार्ज निरीक्षक कमलदीप राणा और उनकी टीम को सौंपी। जिन्होंने इस मामले की जाँच के बाद इस कंपनी की फतीयाबाद ब्रांच के मैनेजर दीपक शर्मा पुत्र रामनाथ वासी रांवर थाना मधुबन को आरोपी पाया और पुलिस ने उसे गिरफतार कर अदालत के सामने पेशकर दिनांक 16 अप्रैल तक का पुलिस रिमांड हासिल किया है रिमांड के दौरान पुलिस टीम द्वारा आरोपी के साथ गहनता से पूछताछ की गई।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से कंपनी से चुराए गए सेफ में रखे रूपयों ‘45,63,071’ में से 5,00,000 रूपये बरामद किए गए। पुलिस द्वारा पूछताछ पर आरोपी ने अपने साथियों कृष्ण पुत्र रमेश वासी नहर कालोनी जींद, प्रवीन पुत्र सुरेन्द्र वासी नरवाना रोड़ जींद और बिटृटू पुत्र रामकुमार वासी राजपूरा का वारदात में शामिल होने के बारे में भी बताया । जिन्हे पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी l
दीपक ने करीब ढ़ाई महीने पहले कंपनी में ज्वाईन किया था और कंपनी की करनाल ब्रांच में कंपनी के कार्य को सिखने के लिए एक सप्ताह की ट्ैनिंग ली थी, जिस वजह से करनाल ब्रांच का पूरा स्टाफ दीपक को बड़े अच्छे से जानता था। फतीयाबाद में कंपनी के मैनेजर के रूप में कार्य करते हुए अन्य तीनों आरोपी उसके दोस्त बन गए और एक रोज शाम को ड्ींक करते हुए उन्होंने कंपनी के पैसों पर हाथ साफ करने की योजना बनाई। जिसके तहत दीपक व कृष्ण कंपनी की करनाल ब्रांच में पहुंचे और कृष्ण को निचे खड़ाकर दीपक उपर आफिस में चला गया व उसने काफी लंबा समय ब्रांच में व्यतित किया। उसपर किसी को शक भी नही हुआ और उसने ब्रांच के बारे पूरी जानकारी भी जुटा ली। फिर वहां से जाने के बाद उन्होंने बिटृटू व प्रवीन से संपर्क किया और जुम कार से एक इनडैवर गाड़ी आन लाईन किराये पर ली और देररात घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद दीपक को उसके गांव रांवर छोड़ अन्य तीनों आरोपी सेफ को अपने साथ लेकर वहां से फरार हो गए।
इसके बाद इन्होंने फोन के माध्यम से संपर्क किया और दिनांक 01.04.18 दिन रविवार को दीपक को पानीपत आकर अपने हिस्से के पैसे ले जाने के लिए कहा, जो दीपक को पानीपत बस स्टैंड पर 6,00,000 रूपये देकर वे तीनों फिर से रफुचक्कर हो गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बहुत जल्द इन तीनों आरोपियों को गिरफतार किया जाएगा व फाइनेंस कंपनी की रकम की बरामदगी भी की जाएगी l
























