रिपोर्ट – नसीम अहमद / आगरा – सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की मस्जिद में बाहरी व्यक्तियों के नमाज पढ़ने की याचिका को आज खारिज कर दिया है l अब स्थानीय लोगों के नमाज अता करने वालों के अलावा कोई भी बाहरी नमाजी मस्जिद में नहीं जा सकेगा l नमाज पढ़ने के इस मामले के सम्बंध में याचिकाकर्ता की राय अलग है और अन्य लोगों की राय सुप्रीम कोर्ट के अादेश मानने को तैयार है लेकिन कुछ स्पष्टीकरण उनके जहन में घूम रहे है ।
सैय्यद इब्राहिम हुसैन जैदी अध्यक्ष ताजमहल मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने बताया ,हमने एक याचिका दायर की थी सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को नमाज के संबंध में 26 जनवरी को जिला प्रशासन ने एक आदेश निकाला ताजमहल की मस्जिद में लोकल आदमी ही नमाज पढ़ेगा, इस संबंध में हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी नमाजी कहीं का भी हो उसको नमाज पढ़ने दी जाए लेकिन अफसोस है कि यह सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिका को खारिज कर दिया है l
राष्ट्रीय स्मारक सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सैय्यद मुनब्बर अली ने कहा है कि निर्णय ठीक है क्योंकि सुप्रीम ने दिया है लेकिन इसमें कहीं न कहीं कोर्ट भूलचूक कर गया है इसमें हम दोबारा याचिका दायर करने जा रहे हैं और मैं समझता हूं कि इसमें बहुत अच्छा रिजल्ट आएगा l
ताहिर उद्दीन ताहिर, अध्यक्ष खुद्दामे रोजा कमेटी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का आदेश है ठीक है लेकिन कोर्ट ने कौन से लोग बाहर के माने है बाहर के विदेशियों को इजाजत नही होगी कि हम हिंदूस्तानियों को इजाजत नही होगी लेकिन अगर याचिका सही से दायर होती तो कुछ हो सकता था l
वहां के नमाजी आरिफ तैमुरी का कहना है कि पिछले 400 साल से ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ी जा रही है इसमे आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है भारत के कहीं भी किसी मंदिर या मस्जिद में कोई आईडी दिखा कर अंदर जा सकता है तो क्या बाहर के मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जा रहा है l

























