किशोर सिंह / अजमेर – बाल मजदूर की इस स्थिति में सुधार के लिए सरकार ने 1986 में चाइल्ड लेबर एक्ट बनाया जिसके तहत बाल मजदूरी को एक अपराध माना गया। इसी के साथ सरकार नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट के रूप में बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करने के लिए कदम बढ़ाए। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बच्चों को इस संकट से बचाना है।
अजमेर के किशनगढ़ स्थित एयरपोर्ट पर आज पहली टेस्टिंग फ्लाइट उतरने से पहले जो नजारे थे वह चौकाने वाले थे। इस फ्लाइट में दिल्ली से अजमेर का सफर अजमेर जिले के वर्तमान माननीय विधायकों ओर राज्य मंत्रियों ने किया। जिन्हें जिले की जनता ने विधायक के रुप में चुना था। किशनगढ़ एयरपोर्ट पर क्या हाल है यह तस्वीरों ने साफ कर दिया कहने को बाल श्रम एक कानूनी अपराध है लेकिन किशनगढ़ एयरपोर्ट पर अधिकारियों की मौजूदगी में बाल श्रमिक काम करते नजर आए अधिकारियों की निगरानी में इन मासूम बच्चों से एयर स्ट्रिप साफ करवाई जाती रही। लेकिन जब इस पूरे मामले पर एयरपोर्ट डायरेक्टर अशोक कपूर से बात की गई तो बनने की कोशिश की यह अलग बात है कि अशोक कपूर खुद उस स्थान पर खड़े नजर आ रहे हैं जहां बच्चे काम कर रहे थे।

























