सरकार की राह नहीं आसां

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चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने अपने 1000 दिनों का सफर पूरा कर लिया  है और अब सरकार अपनी उपलब्धियों को भुनाने में लगी है । ओ एस डी मीडिया राजकुमार भारद्वाज ने हरियाणा भवन से बाहर होकर ई एम् आर सी रुड़की जैसे संस्थान की राह पकड़ ली है। अब इस कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पर है जिनके बारे में  माना जाता है कि प्रदेश के पत्रकारों से उनका जुड़ाव ना के बराबर है और राजधानी में भी वो एक ग्रुप  विशेष के पत्रकारों से ही बैठक करते हैं। इस बात को लेकर अन्य पत्रकार अंदर ही अंदर सुलग रहे हैं। सोशल मीडिया में  मुख्यमंत्री की छवि चमकाने के लिए एक बड़ी टीम काम में लगी हुई है। सरकार के जनसम्पर्क विभाग के पास अमला तो बहुत है मगर वहां भी सी एम् की पब्लिसिटी के लिए कुछ ठोस योजना दिखाई नही दे रही,खासतौर पर विज़ुअल पब्लिसिटी के मामले में फिल्म  शाखा और प्रोग्राम प्रोड्यूसर गैर पेशेवर  तरीके से काम करते दिखाई देते हैं। एक श्रीमान जो कभी  सचिवालय  से अंदर तो कभी बाहर होते रहते हैं, मुख्यमंत्री का महिमा मंडन करने में लगे हैं ।

सरकारी विज्ञापन में वो बेहद आक्रामक मुद्रा में रहते हैं। विज्ञापन में वो इतने बेहूदे लगते हैं कि देखने वाला ये अंदाजा नहीं  लगा पाता कि वो सरकार के काम गिना रहे है या आँखे निकालकर डरा रहे हैं। अभी तक अपना पूरा दम खम लगाने के बावजूद वो कोई विशेष चमत्कार नही कर पाए हैं  क्योंकि वे हर बार किसी न किसी  विवाद को जन्म देते हैं और किरकिरी हो जाती है। गुरुग्राम में हुए हरियाणा स्वर्ण- जयंती कार्यक्रम में ये रॉक स्टार पहले भी हंसी के पात्र बन चुके हैं। ऐसे हालात में सरकार का असर  लोगों के दिल पर  थोड़ा कम ही दिखाई दे रहा है । सरकार में मीडिया पक्ष कमजोर है इसलिए,कई लोग अपनी बारी के इंतजार में हैं और हरियाणा भवन जाने की तैयारी में लगे हैं। ऐसे कई लोग जिन्हें न प्रदेश की राजनीति की समझ है और न ही जिनका चुनाव में कोई योगदान रहा वो भी मलाई खाने की फ़िराक में हैं। बहुत जल्दी इस भागदौड़ के नतीजे भी सामने आने वाले हैं।चुनाव में मनोहर लाल के साथ काम कर रही टीम के लगभग सभी सदस्यों को एडजस्ट कर दिया गया है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि चुनाव के दौरान मनोहरलाल का मीडिया देख रहे पत्रकार की वापसी विशेष काम के लिए हो सकती है।संघ पृष्ठभूमि के इस पत्रकार ने सी एम् के शपथ ग्रहण के बाद करनाल छोड़ दिया था मगर चुनाव से जुड़ा हर व्यक्ति उससे अपना जुड़ाव महसूस करता है। सी एम की टीम से जुड़ने के लिए लोग अपने स्तर पर कोशिश करते रहे हैं ,हर व्यक्ति अपने प्रभाव का भी इस्तेमाल कर रहा है । मगर इस पत्रकार ने पिछले दिनों अपनी अनिच्छा जाहिर कर ऐसी सभी अटकलों पर विराम लगा दिया था। कुछ भी हो ये चर्चा फिर गर्म है कि वही लोग फिर से मुख्य भूमिका में होंगे जो करनाल चुनाव में अपनी भूमिका निभा रहे थे। सरकार के लिए ऐसा ना करने की कोई वजह भी शायद नहीं होगी।