चंडीगढ़- 4 मई को होने वाले हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैैं। बिना प्रश्नकाल के होने वाले इस एक दिवसीय विशेष सत्र में जहां सिर्फ जीएसटी बिल पास होने की उम्मीद है। वहीं कांग्रेस और इनेलो विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा कर सकते हैैं। हालांकि सत्तारूढ़ दल भाजपा के नाराज विधायकों के तेवर सत्र के दौरान नरम दिखाई देंगे।
विधानसभा का विशेष सत्र 4 मई को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी विशेष सत्र बुलाने के कैबिनेट के फैसले को मंजूरी प्रदान कर चुके हैैं। हालांकि कांग्रेस और इनेलो सत्र की अवधि बढ़ाने का दबाव सरकार पर बना सकते हैैं, लेकिन सत्र बढ़ने की संभावना नहीं है। विपक्ष का दबाव बढ़ा तो सत्र देर शाम तक चल सकता है।
प्रमुख विपक्षी दल इनेलो द्वारा एसवाईएल के मुद्दे पर सरकार को घेरा जा सकता है। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की मुलाकात के बारे में विपक्ष को जानकारी नहीं दिए जाने का मुद्दा भी विधानसभा में उठेगा। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बिजली पानी के मुद्दों के अलावा जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग की रिपोर्ट लीक करने का दोष सरकार के सिर मढ़ सकते हैैं । विधानसभा सत्र में जीएसटी बिल के साथ-साथ कुछ विधेयक भी पारित कराए जा सकते हैैं। इनमें गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) का विधेयक अहम है। केंद्र के बाद जीएसटी बिल पास करने के मामले में हरियाणा देश का आठवां राज्य होगा। भाजपा के पास सदन के भीतर इतनी संख्या उपलब्ध है कि वह अपने बल पर इसे पास करा सके।






















