करनाल : उत्तर भारत में साईकिल अभियान की शुरूआत करनाल से हुई थी। पांच साल पहले इस अभियान को करनाल के ग्रामीण क्षेत्र से काम की शुरुआत करने वाले मेरा गांव मेरा मिशन ने शुरू किया था। इस अभियान के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी जुड़े उन्होंने संकल्प पत्र भी भरा । प्रधानमंत्री ने इसी दिन अपनी पहली मन की बात कार्यक्रम में साईकिल चलाने की बात की थी l इस अभियान के साथ लिबर्टी लिमिटेड भी जुडा । करनाल ही नहीं देश में पहली बार राहगिरी की शुरूआत करनाल से हुई। इसकी शुरूआत के साथ ही साइकिल गिरी को राहगिरी के साथ लिबर्टी ने जोड़ा लिबर्टी ने लोगों को साईकिल मुहैया करवाई l मेरा गांव मेरा मिशन संस्था के साथ शहर के पत्रकारों समाज सेवियो,स्कूल संचालकों ,डाक्टरों तथा शहर के प्रबुद्ध जनों ने इसे आगे बढ़ाया। इसमें हजारों स्कूल कालेज के बच्चे जुड़े। इस अभियान के चलते संकल्प पत्र अभियान की शुरूआत राहगिरी और टैगोर बाल निकेतन स्कूल के साथ की गई। संस्था के सदस्यों द्वारा स्कूलों में छात्रों को जाकर शपथ भी दिलवाई गई कि साईकिल इस्तेमाल करें यह स्वास्थ्य के लिए ठीक है , महंगी भी नहीं है , इस बढ़ते प्रदूषण के जमाने में सबसे बढ़िया है , पुलिस का चालान काटने का डर भी नहीं है , न ही दुर्घटना का खतरा , जाम जैसी समस्या से निपटने में कारगर साबित होगी l इस अभियान के रहते यह अभियान एक जन आंदोलन बन गया।
इस जन आंदोलन के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल,मंत्री कर्ण देव काम्बोज, सभी विधायक,प्रशासन, एसपी पंकज नैन, जेल अधिकारी शेर सिंह जुड़े। इस अभियान के बाद राहगीरी में भी तत्कालीन एसपी पंकज नैन द्वारा साईकिल अभियान ,कार फ्री डे अभियान की शुरूआत की गई । लेकिन दुर्भाग्यवश यह करनाल के ही व्यापारियों द्वारा विरोध के कारण ज्यादा चल न सकी l आज पंकज नैन ने इस विश्व साईकिल दिवस पर विशेष तौर पर कहा कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हमें आज नहीं तो कल इस अभियान और साईकिल को अपनाना ही होगा, सभी पश्चिमी देश इसे अपना रहे हैं l साईकिल स्वास्थ्य से लेकर जीवन के हर पहलू पर फायदेमंद साबित होती है l

























