Karnal – एक महीने से फंसे हैं लाक डाउन में जम्मू कश्मीर के 34 युवक

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करनाल:जम्मू -कश्मीर के 34 युवा कर्मचारी करनाल में पिछले 21 मार्च  के बाद से फंसे हुए हैं। यह विद्यार्थी करनाल की कुछ फैक्ट्रियों में नौकरी करते थे। इनकी कंपनी लोकडाउन के बाद बंद हो गई। अब इन युवकों के सामने खाने पीने को लेकर एक महीने से समस्या खडी  हुई है। यह लोग पिछले एक माह से एक समय खा कर तो कभी  भूखे रह कर गुुजारा कर रहे हैं। यह लोग सैक्टर तीन में मंगल कालोनी पार्ट टू में रहते हैं। इन युवकों को जब डीसी से लेकर मेयर कार्यालय तक से निराशा हाथ लगी तो यह युवक सब्जी मंडी पहुंचे। जहां सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने इनके लिए एक समय का भोजन देने की मदद करना स्वीकार कर लिया। इनमें से एक कटरा  का रहने वाले राहुल ने बताया कि वह होटल में खाना खाते थे या इनका टिफिन आता था। लेकिन लाकडाऊन के कारण होटल ओर टिफिन सेवा बंद हो गई। अरुण ने बताया कि इन लोगों ने प्रशासन की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। तो इनको उचित जबाब नहीं मिला। जब वह डीसी के पास गए तो उन्हें मिलने नहीं दिया। उल्टे धमका कर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने मेयर रेणु वाला गुप्ता से बात की तो उन्हें वहां से भी केवल आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार उन्हें उनके घर भिजवा दे। क्योंकि यहां उनको  भूखे रहना पड़  रहा हैं। उन्होंने  बताया कि करनाल में किसी भी संस्था ने उनकी मदद नहीं की। सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के नरेंद्र सिंह और जितेंद्र मलिक ने बताया कि यह परदेसी  हैं। अब वह उनकी मदद करेंगे। वह एक समय का खाना तो दे सकते हैं। इन परदेसी  मेहमानों की व्यथा ने सरकार प्रशासन और समाजसेवी संथाओं की दरियादिली की पोल खाले कर रख दी। जो फोटो  सेशन में ही व्यस्त रहती हैं। कश्मीर से यहां फंसे युवकों मे अरुण शर्मा, राहुल शर्मा, कृपाल सिंह, मुकेश कुमार,साहिल कुमार निवासी , कटरा वैष्णों देवी, सुमित कुमार कठुआ जम्मू काश्मीर, अजय कुमार, शुभम शर्मा, विजय कुमार, सुनील कुमार,प्रदीप सिंह,चंदर पाल, मुकेश कुमार अरविंदर सिंह,सुमित ठाकुर सहित अन्य शामिल हैं। इन युवकों का दर्द यह है  कि परदेश से यहां आकर वह लाकडाउन में फसे हैं। यदि सरकार इनको उनके घर भेजती है तो वह 14 दिन क्वारंटीन में भी रह लेंगे।