रिपोर्ट -कांता पाल /नैनीताल- पुलिस ने हल्द्वानी में हुए पार्थ हत्याकांड का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है l राजेन्द्र सिंह सामन्त ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उनका पुत्र पार्थ राज सिंह सामन्त का घर से मोबाइल लेने कह कर अपनी कार से गया व एक नवंबर की प्रातः आर.के.टैण्ट हाउस वाली सडक में वृन्दावन विहार के पास खाली प्लॉट चौकी आर.टी.ओ रोड थाना मुखानी मे कार के साथ मिला जिसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किया गया।
एस०एस०पी० प्रहलाद नारायण मीणा, द्वारा घटना का तत्काल खुलासा करने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी करने के कड़े निर्देश दिये गये। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.वी कैमरों को चैक किया गया तो घटनास्थल पहुंचने से पूर्व मृतक पार्थ राज सिंह सामन्त व उसका दोस्त सिद्धार्थ उर्फ सिद्ध उर्फ सैमुअल व मंयक कन्याल, कमल रावत 04 लोग दिखाई दिये। 31अक्तूबर की रात्रि में समय सिद्धार्थ अपनी मोटर साइकिल से घर जाते हुए दिखाई दिया। घटनास्थल के आस पास के सी.सी.टी.वी कैमरो का गहनता से चैक किया गया तो पाया कि मृतक पार्थ की कार से पार्थ के अलावा उसका दोस्त मंयक व अभि० कमल रावत आता दिखाई दिये और थोडी देर बाद मयंक कन्याल भी घटना स्थल से अपने घर जाता दिखाई दिया । मृतक पार्थ के साथ अन्तिम समय तक अभि० कमल रावत उर्फ भदुवा ही मौजूद रहा। घटना के सम्बन्ध में मंयक कन्याल के पूछताछ करने पर पता चला कि कमल रावत ही लास्ट तक पार्थ के साथ था व उसके द्वारा पार्थ राज सिंह सामन्त की हत्या की गयी है जो कि फरार चल रहा था। जिसे कल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है ।
पूछताछ में आरोपी कमल ने बताया कि पार्थ राज सिंह सामन्त, सिद्धार्थ व मंयक कन्याल दोस्त हैं। हम सभी लोग शराब, स्मैक व डौरेक्स (मेडिकल नशा) आदि का नशा करते है। 31 अक्तूबर की शाम को गली मे वृन्दावन विहार खाली प्लाट में पहुँचे। जहाँ मंयक ने पार्थ को स्मैक की पुड़िया दी और पार्थ ने उसे 500 रुपये दिये मंयक ने पार्थ को स्मैक पिलाई। उसके बाद मंयक ने कहा कि मुझे सुबह ड्यूटी जाना है। कह कर घर चला गया उसके जाने के बाद पार्थ मुझे गाली देते हुये कहा कि तुझे कहा छोडना है व गन्दी गन्दी गालिया देने लगा। मैं पार्थ को गाली ना दे बार बार कह रहा था लेकिन पार्थ चुप नही हो रहा था और लगातार माँ बहन की गालियां देते जा रहा था। मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसका मुँह चुप कराने के लिये उसका नाक व मुँह को अपने हाथ से बंद कर दिया। उसके बाद भी वह मुझे लगातार गाली दे रहा था। जिस पर मेरा गुस्सा बढ़ गया और मैंने हाथ से उसका गला भी दबा दिया जिससे वह शांत हो गया मुझे लगा कि पार्थ नशे के कारण बेहोश हो गया और सो गया है। फिर मैंने उसकी ड्राइविंग सीट को पूरा पीछे लिटाया और पार्थ के दोनो हाथ पकड़ कर ड्राइविंग सीट पर लिटा दिया व मैने फिर से स्मैक पी मुझे बहुत नशा हो गया था और मैं गाड़ी की अगली सीट पर सो गया। सुबह जब धूप मेरी आँखो पर पड़ी तब है उठा तो मैंने पार्थ को काफी हिलाया डुलाया। लेकिन पार्थ ने कोई हरकत नहीं कि मुझे घबराहट होने लगी मुझे समझ नही आ रहा था। मुझे पसीना आने लगा, मैंने अपने कपडे चेंज किये फिर मौका देखकर पार्थ का फोन कार में ही छोड़कर व कार के शीशे बंद कर अपने कपडे लेकर वहां से चला गया पार्थ की दोस्त आकांशा व मंयक का फोन आने पर मैंने पार्थ के साथ हुई घटना को छुपाते हुए कहा कि पार्थ ने मुझे घर छोड दिया था और चला गया था। दो तीन दिन बाद मुझे पता चला की पार्थ की मौत नशे के ओवर डोज से हुयी है। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया जायेगा l

























