नो पार्किंग नो कार – हर किसी की इच्छा होती है कि उसके पास कार जरूर होनी चाहिए , भले ही पार्किंग की जगह न हो उसके लिए सड़क तो है न l लेकिन अब ये सब यहाँ भी दूर राज्यों की तरह बदलने जा रहा है l सबको गाड़ी खरीदने से पहले उसके पार्किंग के लिए जगह दिखानी जरुरी होगी वह सड़क पर गाड़ी खड़ी नहीं कर सकेगा अब इसके लिए सब जगह नियम और कानून जारी होने जा रहा है l गाड़ी तो ले ली पर खड़ी करने की जगह नही है उसे आये दिन किसी की दुकान या घर के बाहर खड़ी कर देते है जिसको लेकर आये दिन झगडे बढ़ रहे हैं l
पर्यावरण भले ही कितना भी खराब हो लेकिन भारत में प्रतिदिन वाहनों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में हर मिनट लगभग 54 गाड़ियां (सभी प्रकार के वाहन) बिकती हैं और त्योहारों में यह आंकड़ा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
वाहनों की बढ़ती संख्या से अब हर गांव या शहर की गली, सड़कें अब पार्किंग में बदल गईं हैं , हर जगह पार्किंग से अटी पड़ी है l आमतौर पर सबने यह नोट किया ही होगा कि जहाँ लोग आराम से सुबह-शाम सैर के लिए निकलते थे, वहां आज गाड़ियों की सटी हुई कतारें लगी रहती हैं। फुटपाथ पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है और यहाँ तक कि जाम में एम्बुलेंस के लिए गुजरने की जगह नहीं बचती है।
अक्सर वाहनों का सड़क पर गलत तरीके से खड़ा होना, गाड़ी को पड़ोसी के घर के आगे खड़ी करना जैसे विषय ही आपसी झगड़ों का मुख्य कारण बन रहे हैं । आमतौर पर ये झगडे पहले मामूली बहस से शुरू होते फिर हाथापाई, लाठी-डंडों, और कभी-कभी गोलीबारी या हत्या तक पहुंच जाते हैं । ऐसे ही हिंसक हादसों की खबरें हर जगह सुनी और देखी जाती हैं। मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की बढ़ती संख्या और सीमित जगह के कारण यह घटनाएं रोज़ बढ़ रही हैं l अधिकतर लोगों का मानना है कि ऐसा नियम और क़ानून जल्दी आना चाहिए ताकि इस महा समस्या का समाधान हो l


























