करनाल- करनाल के गांव धौलगढ़ में प्रतीक हत्याकांड में पुलिस ने दो नाबालिगों समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है l बताया जा रहा है कि ये रंजिश प्रेम प्रसंग से शुरू हुई और हत्या तक पहुंच गई l मुख्य आरोपी दलजीत ने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से मारकर प्रतीक को मौत के घाट उतार दिया l पुलिस ने 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को धर दबोचा l
16 वर्षीय छात्र प्रतीक एक उभरता क्रिकेट खिलाड़ी था । जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात की जड़ एक लड़की से जुड़ा प्रेम प्रसंग था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी दलजीत को शक था कि प्रतीक उसके प्रेम संबंधों के बीच आ रहा है। इसी रंजिश ने परिवार के इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात वाले दिन प्रतीक उचाना स्थित हनुमान मंदिर से प्रसाद लेकर बाइक पर अपने घर लौट रहा था। रास्ते में खेतों के पास पहले से घात लगाए बैठे दलजीत और उसके दो नाबालिग साथियों ने उसे रोक लिया और लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया । गंभीर चोटों के कारण प्रतीक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने सीआईए-1, सीआईए-2 और सदर थाना की संयुक्त टीम बनाकर मामले की गहन जांच की। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि दलजीत व स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के बीच दोस्ती और प्रेम प्रसंग था। पुलिस के अनुसार, प्रतीक का नाम भी इस मामले में जुड़ गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच कुछ महीने पहले विवाद भी हुआ था।
डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी दलजीत को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, लाठी-डंडे और अन्य हथियार बरामद किए जाएंगे। वहीं दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीनों आरोपी करनाल के जुंडला कस्बे के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतीक सिर्फ 16 साल का था और पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बेहद प्रतिभाशाली था ,उसने इसी वर्ष राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। लेकिन एक रंजिश ने उन सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। अब गांव और परिवार के लोगों का कहना है कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले।


























