किशोर सिंह/ अजमेर- हाईसिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात अपराधियों द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से अपराध संचालित करने पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा करोडों रुपए व्यय करके हाईसिक्योरिटी व राज्य की चुनिन्दा जेलों में जैमर लगाए जाने के बावजूद जेल से अपराधों का संचालन थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका प्रमुख कारण जेल में अपराधिय्ाों द्वारा अवैध रूप से मोबाईल फोन का इस्तेमाल करना तथा जेल में बंद अपराधिय्ाों तक रुपए, अन्य आपतीजनक आदि सामग्री पर रोक है।
अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात अपराधियों तक निषेद वस्तुएं पहुंचाते जेल में बाहरी सुरक्षा में तैनात बाॅर्डर होमगार्ड को जेल प्रहरी ने पकडा है। गार्ड के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाने पर हाईसिक्योरिटी जेल में प्रहरी के पद पर तैनात जेल सुरक्षा के जवान ने दर्ज करवाया है, पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर रोड पर हाईसिक्योरिटी जेल में प्रहरी के पद पर तैनात जगत सिंह पुत्रा जगराम ने थाने को शिकायत दी है कि गत 26 दिसम्बर को वह ड्यूटी के दौरान उच्च सुरक्षा जेल में तैनात था। इस दौरान तलाशी के दौरान उसकी जेब में एक सीम मिली है। सूत्रों ने बताया कि सिम गार्ड को गार्ड ने पोट करवाई थी, गार्ड का उतर नबंर पोर्ट वाली सिम में चालू हो गया था ओर उसने यह सिम अपने जाकिट की जेब में गलती से रखना बताया जा रहा है।
जेल अधीक्षक ने मोबाइल सिमकार्ड जेल में लाने की घटना को गंभीर मानते हुए जेल प्रहरी जगत सिंह को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए, जिसके बाद जेल प्रहरी जगत सिंह ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर आरोपी बाॅर्डर होमगार्ड रेवताराम के खिलाफ जेल अधिनियम की धारा 42 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया । पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरु कर दी है।

























