सुमित / पानीपत – प्रदेश में न्यूनतम वेतन को लेकर मजदुर लगातार सरकार से गुहार लगाते आये है ,हालाँकि सरकार ने न्यूनतम वेतन निर्धारित किया है लेकिन मजदूरों को अभी भी उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है जिस कारण से मजदुर प्रदर्शन करने को मजबूर है ,पानीपत के लघु सचिवालय में अपनी मांगो को लेकर प्रवासी ईंट भट्ठा मजदूर लगातार दो रोज से दिन रात डटे है ,उनका कहना है कि अगर न्यूनतम वेतन नहीं मिला तो भट्टे का काम छोड़कर वापिस अपने प्रदेश चले जायेंगे, इस पर भट्टा मालिकों ने 15 दिन का समय माँगा है ,लेबर कमिश्नर आर के नेन ने कहा कि भट्टा मालिक तय मूल्य दे रहे हैं और वार्ता चल रही है जल्द ही समाधान हो जायेगा l
ईंट भट्ठा मजदूर मोर्चा के बैनर तले विभिन्न मजदूरों ने आज दूसरे दिन लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। इसकी अध्यक्षता प्रधान पाला राम रावत ने की। उन्होंने बताया कि भट्ठा मालिक हमारे परिश्रम के उचित दाम नहीं देते हैं। नया बढ़ा हुआ रेट श्रमिकों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भट्ठा मालिक तुरंत हमारी मांगें मान कर हमसे समझौता कर लें। इसमें उन्होंने कहा कि कच्ची ईंट पर 680 रुपए प्रति हजार ईंट और 80 रुपए अलग से कमीशन दिया जाए। कुम्हार को 320 रुपए प्रति हजार और 25 रुपए कमीशन अलग से दिया जाए। निकासी के लिए 250 रुपए प्रति हजार और 25 रुपए अलग से कमीशन दिया जाए। वहीं बेलदार तनख्वाह भी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को इसके लिए उन्होंने धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया था। उस समय श्रम समझौता अधिकारी ने 5 मार्च तक का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक भी हमारी मांगें नहीं मानी गई हैं इसलिए हमें मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती तो हमारी हड़ताल जारी रहेगी।
























