पानीपत -चीन की तर्ज पर बनाई कपड़ों की कतरन को रिसाइकिल करने वाली मशीन

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रिपोर्ट -प्रवीण भारद्वाज /पानीपत -चीन से फैले कोरोना वायरस का असर पूरे विश्व में फ़ैल चुका है विश्व कोरोनावायरस की चपेट में है l  जिसकी वजह से व्यापार पर भी गहरा असर पड़ा है।  पानीपत एक औद्योगिक नगरी है अधिकतर व्यापार चाइना के साथ होता है। पानीपत के व्यापारी चीन से मशीनरी व् कच्चा मॉल लेकर आते है। लेकिन कोरोना के कारण मशीनरी नहीं आ रही जिसके चलते पानीपत के एक व्यापारी ने चीन  की तर्ज पर उस की गुणवत्ता से भी अच्छी मशीन बना डाली। उत्तर भारत रोटर्स  स्पिनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ने यह मशीन बनाई है । उन्होंने इस मशीन का नाम रिसाइक्लिंग मशीन  दिया है।  इस मशीन से कपड़ों की कतरन से रुई बनाई जाती है। नेचुरल रुई की सफाई की जाती है । प्रीतम सचदेवा ने  बताया कि रिसाइक्लिंग मशीन चीन से नहीं आ रही थी। इसलिए  चीन के मॉडल को अपनाकर अपनी मशीनरी बना डाली ।

पानीपत की टेक्सटाइल  इंडस्ट्री में लगभग 90% मशीनरी चीन की बनी हुई इंपोर्ट होती है ।लेकिन पिछले 3 माह से चीन में कोरोनावायरस अधिक होने से आयात और निर्यात दोनों बंद किया हुआ है। बंदरगाहों पर भी आवाजाही बंद हो चुकी है । जिससे पानीपत का  उद्योग बहुत प्रभावित हो रहा था । क्योंकि मशीन कोई वहां से आ नहीं रही थी जिससे व्यापार  में नुकसान हो रहा था ।लेकिन व्यापार में हो रहे नुकसान को  व्यापारी  सहन नहीं कर पा रहे थे और हर रोज लाखों रुपए का नुकसान हो रहा था l  आप को बता दें  पानीपत में कपड़े  ब्लीचिंग हाउस में रंगीन  करने  के सैकड़ों यूनिट हैं । रंगीन कतरन को सफेद किया जाता है फिर उस कतरन से रुई बनाई जाती है जो नेचुरल कॉटन की रूई  के समान होती है।

प्रीतम सचदेवा मशीन खोजकर्ता ने बताया , अगर कीमत की बात करें  तो चीन  की मशीन की कीमत 11 लाख रूपये पड़ती थी  । लेकिन पानीपत के वयापारी द्वारा बनाई गई इस मशीन पर  12.50 लाख के करीब खर्च आया है । मशीन की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण इसके रखरखाव पर भी बहुत कम खर्च आएगा । मशीन के जानकारों द्वारा चीन की मशीन से बेहतर मशीन बताई जा रही  है।