किशोर सिंह / अजमेर – विवादित कथाकथित संत आसाराम बापू एक नाबालिग बच्ची के यौन शोषण के मामले में जोधपुर की जेल में बंद है। आसुमल से आसाराम बापू बनने के सफ़र में हम उसके जीवन की एक सच्चाई बताने जा रहे है। जिस संत को देश दुनिया में आसाराम के नाम से जाना जाता है वही आसाराम कभी गरीबी और तंगहाली को दूर करने के लिए अजमेर की सडको पर तांगा चलाया करता था। यह बात हम नही कह रहे बल्कि उस दौर में आसुमल को जानने वाले कह रहे है।
जिस आसाराम को देश ही नहीं बल्कि दुनिया में उसके लाखों भक्तों द्वारा भगवान की तरह पूजा जाता था , उस से पहले वही आसाराम ख्वाजा नगरी अजमेर में आसुमल तांगेवाले के नाम से जाना जाता था। उस दौर में आसुमल के साथ ही अजमेर की सडकों पर तांगा चलाने वाले ७१ साल के हीरा भाई बताते है कि आज भी जब आसाराम का नाम उनके जहन में आता है तो सालों पुरानी यादें ताजा हो जाती है क्योंकि तांगा चलाने वाला आसुमल कैसे आसाराम बन गया।
एक समय था जब अजमेर के इसी धानमंडी तांगा स्टेंड से आसाराम उर्फ़ आसुमल दरगाह से रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड तक अपनी सवारी को तांगे में बैठा कर छोड़ने और लेने जाते थे इतना ही नहीं हीरा भाई की बात पर विश्वास किया जाए तो जिस वक़्त आसाराम उर्फ़ आसुमल अजमेर में तांगा चलाते थे उस वक़्त से ही आसाराम एक महत्वाकांशी और लालची प्रवृति के थे जो पैसो के पीछे भागा करते थे l

























