अजमेर – धूल भरी आंधी ने बरसाया कहर

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किशोर सिंह / अजमेर- प्रदेश में चल रहे दो दिन से धूल भरी आंधी का कहर सोमवार देर रात अजमेर में तेज तूफान ने दस्तक दे डाली जो मंगलवार अल सुबह तक जारी रही। करीब 80 की स्पीड से आये तेज इस तूफान ने  शहर व जिले में तबाही मचा दी। तबाही के बवंडर से जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। तेज तूफान के कारण कई घर व चाय की थडियो पर लगे तिरपाल व टीन शेड उड गये। और सडको के बीच चैराहो पर लगी यातायात पुलिस की घुमटिया भी धराशाही हो गई।
मंगलवार सुबह जैसे ही तेज तूफान व बारिश के कारण शहर के मार्टिडंल ब्रिज, सोफिया स्कूल जयपुर रोड व मदार समेत शहर के कई इलाको में पेड व मकान, झोपडियो पर लगे टीन शेड व चाय की थडियो पर लगे तिरपाल उडे गये। फिलहाल किसी प्रकार की कोई जनहानि नही हुई है।
गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में मौसम ने पलटा खा लिया है। राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार देर रात के बाद आए आधी के बवंडर के बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगहों पर लोगों के अस्थाई कच्चे छप्पर उड़ गए। करीब 11.15 बजे 100 किमी प्रति घंटा की गति से आए अंधड़ से कई जगहों पर पेड़ पौधों भी धराशाही होने की खबर है। वही कई जगहों पर रात में ही तो कुछ जगह अलसुबह से बारिश शुरू हो गई। धूल भरी तेज हवा के बाद अलसुबह गर्जना के साथ बौछारें पड़ने से लोगों की नींद खुल गई। पश्चिमी राजस्थान में चल रहे तेज अंधड़ भरे तूफान का असर पुष्कर व नसीराबाद व आसपास के इलाकेा में भी आ गया है। तेज अंधड़ से पीपल का पेड़ और बिजली का पोल हुआ धराशाही पुष्कर के अलावा पूरे राजस्थान में इस तबाही के तूफान का असर देखा जा सकता है। वही शादी के लिए लगाए गए टैंट भी गिर गए। साथ ही अनेक स्थानों पर टिनशेड, होर्डिंग आदि रास्तों पर पड़े हुए नजर आए। लोगों का कहना था कि यह तूफान दिन में आता तो जनहानि भी हो सकती थी।
 गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आशंका जताई थी कि 5 से 8 मई के बीच राजस्थान, पश्चिमी प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ में धूलभरी आंधी और गरज के साथ बारिश हो सकती है।