रिपोर्ट -सुरेंद्र /सोनीपत- सोनीपत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक की टीम ने सोनीपत में तैनात कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर थोक उर्वरक लाइसेंस जारी करने के बदले एक लाख रुपये की मांग का आरोप था। आरोप है कि वह पहले ही आधी रकम ले चुका था।
एसीबी प्रवक्ता के अनुसार गांव जांटी कलां निवासी राजकुमार ने शिकायत दी थी कि थोक उर्वरक का लाइसेंस जारी करने के बदले कृषि उपनिदेशक ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप था कि आरोपी पहले ही 50 हजार रुपये ले चुका था और बाकी रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहा था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद टीम ने कार्रवाई के लिए रोहतक के आरटीए को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था, जबकि डीएसपी सोमबीर और निरीक्षक भगत सिंह के नेतृत्व में टीम ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बुधवार को निरीक्षक भगत सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉ. पवन शर्मा को लघु सचिवालय परिसर स्थित उसके कार्यालय से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते ही काबू कर लिया। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। टीम मामले में अन्य की भूमिका का भी पता लगा रही है। टीम आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख एएस चावला ने कहा कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत रिश्वत लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।


























