करनाल – कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र सिंह पाल ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए पत्रकारों को अपनी कलम का प्रयोग करना चाहिए। समाज के उत्थान के लिए पंच परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज समाज जिस दिशा में जा रहा है वह चिंतनीय है। हमे पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन,स्व का भाव, नागरिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक समरसता और पर्यावरण की रक्षा का भाव जगाना चाहिए। वह आज करनाल के सेवा श्री आश्रम में विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित नारद जयंती समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाहक धनेश डिमरी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक सुधीर कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अतिथियों ने नारद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आए हुए अतिथियों का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए वीरेंद्र पाल ने कहा कि आज पत्रकारों को समाज और राष्ट्र के हित में सकारात्मक मुद्दों को अपनी लेखन का विषय बनाना चाहिए। आज जिस प्रकार देश और समाज बदलाव के दौर से गुजर रहा है उसके चलते परिवार और समाज खतरे में है। आज देश वैश्विक चुनौतियों से भी जूझ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी के साथ-साथ स्व का बोध जैसे विषय उठाने होंगे और इन्हें समाज के सामने लाना होगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ऐसी होनी चाहिए जो समाज को दिशा दे, न कि दिशाहीन करे। उन्होंने देवर्षि नारद को धरातल से जुड़े निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार बताया, जो घटनाओं को बिना संशोधन के समाज के समक्ष रखते थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में समाज हित व राष्ट्रहित का ध्यान रखना चाहिए और पत्रकारिता में तथ्यों की पूर्ण जानकारी रख उजागर करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी भविष्य में आने वाली चुनोतियो के बारे में बताया और शुभकामनाएं दी।
कुलसचिव ने कहा कि देवर्षि नारद ने कभी यश-अपयश की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारों को भी निडर होकर समाज हित में तथ्यपरक पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अध्ययनशील और विवेकी पत्रकार बनने का आह्वान किया। अपने उद्बोधन में वीरेंद्र पाल ने कहा कि एक पत्रकार को निडर और निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन जब राष्ट्रहित का प्रश्न हो, तो राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए। इस अवसर पर पत्रकारिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

























