करनाल -हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में आये एक मामले में पुलिस अधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होने पर कहा कि जांच में बिना वजह हाउस को गुमराह ना करें,सही तथ्य पेश करे,ताकि शिकायतकर्ता को सही न्याय मिल सके।
राज्यमंत्री वीरवार को स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। पिछली बैठक लम्बित शिकायत सुमेर चंद पुत्र हरफूल सिंह वासी गुल्लरपुर की अवैध कब्जे संंबंधी थी,इस शिकायत में बीडीपीओ ने दोषी के खिलाफ निसिंग थाने में कार्यवाही करने के लिए लिखा था,परन्तु एसएचओ निसिंग ने कोई कार्यवाही नहीं की बल्कि आज की बैठक में तथ्य को छुपाने का प्रयास करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्यमंत्री ने पुलिस अधिकारी को सख्त हिदायत दी कि यह मेरी पहली बैठक है,इसलिए छोड़ रहा हूं,भविष्य में हर मामले में मुझे पारदर्शिता और निष्पक्षता चाहिए।
फसल मुआवजा संबंधी मामले में मंगल सिंह असंध वासी ने अपनी शिकायत रखी कि उन्हें खराबे के अनुसार कम मुआवजा मिला है। इस पर राज्यमंत्री ने डीडीए को अगली बैठक में पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक संबंधी शिकायत में भावना पुत्री कृष्ण गोपाल, राजीव पुरम गली नम्बर-1 की शिकायत की थी कि उन्हें डिपो होल्डर द्वारा ठीक प्रकार से राशन नहीं दिया जा रहा है और ना ही विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की,परन्तु जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डीएफएससी ने बताया कि डिपो होल्डर जांच में दोषी पाये जाने पर विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए डिपो होल्डर के लाईसेंस को रद्द कर दिया है और उसकी प्रतिभूति राशि भी जब्त कर ली है।
बैठक में राजेश मलिक गांव रिसालू ने धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी संबंधी मामले बारे शिकायत रखी,जिस पर कार्यवाही करते हुए अध्यक्ष महोदय ने एसआईटी से निष्पक्ष जांच करवाने व समिति के सदस्य ईश्वर गुप्ता व सतीश राणा को जांच में शामिल करने के निर्देश दिये। एक अन्य शिकायत में गोहिदा वासी रमेश चंद ने बताया कि कुछ दंबग लोग उनके मंजूर शुदा ठेके में जबरदस्ती घुसकर उनके कारोबार में बाधा पहुंचाते है। इस पर अध्यक्ष ने निसिंग के थाना प्रभारी को निर्देश दिये कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और ऐसे मामले में कड़ी कार्यवाही करें। पधाना वासी सुरेश कुमार की शिकायत कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज संबंधी थी,इस शिकायत को भी गंभीरता से लेते हुए राज्यमंत्री ने कल्पना चावला के निदेशक को अगली बैठक में रिपोर्ट के साथ बुलाने के निर्देश दिये। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में मरीजों के ईलाज के लिए डाक्टर आना-कानी करते है,इतना ही नहीं डॉक्टर मरीज का ईलाज करने की बजाए प्राईवेट अस्पताल में रेफर कर देते है,जिनकी वजह से शिकायतकर्ता के पुत्र नीरज की मृत्यु हो गई।
हकीकत नगर करनाल वासी दयाल सिंह की यूएचबीवीएन संबंधी शिकायत थी,जांच अधिकारी की कार्यवाही पर भरोसा ना करते हुए राज्यमंत्री ने अपने फोन से शिकायतकर्ता से बात करके पूरी जानकारी मांगी ,शिकायतकर्ता ने राज्यमंत्री को अपनी संतुष्टि जाहिर की,जिससे इस मामले को फाईल कर दिया। इसी प्रकार गोंदर निवासी सुखबीर की शिकायत थी कि गांवों के कईं व्यक्तियों की आयु बुढ़ापा पेंशन के योग्य नहीं है,इसलिए उनकी पेंशन बंद की जाए और उनसे रिकवरी की जाए। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा जिन व्यक्तियों की पेंशन बंद करने के लिए शिकायत की थी,उन्होंने उनका कोई आयु का प्रमाण पत्र नहीं दिया था,जबकि पात्र पेंशन धारक ने अपने पेंशन के लिए कार्यालय में सही दस्तावेज प्रस्तुत कर दिये है,इसलिए शिकायतकर्ता की शिकायत को फाईल कर दिया गया। आज की बैठक में दस मामले रखे गए,जिनमें से पांच मामलों की जांच रिपोर्ट के बाद निपटान किया गया बाकी पांच मामलों को अगली बैठक के लिए लम्बित रखा गया। बैठक के बाद राज्यमंत्री ने समिति के सदस्यों व भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत की और जिले में चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर असंध के विधायक स०बख्शीश सिंह विर्क,नगर निगम की आयुक्त डा०प्रियंका सोनी,एडीसी निशांत कुमार यादव,मेयर रेनू बाला गुप्ता,भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आंनद,भाजपा महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला बैरागी सहित समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।























