घरौंड़ा/करनाल – भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओ.पी. धनखड़ ने कहा कि जिन वीर शहीदों के बलिदान से देश को आजादी मिली, उनका इतिहास अधूरा है, इसके लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह शहीदों के साथ एक नाइंसाफी है। उन्होंने शहीद भगत सिंह के जन्म स्थान बंगा, तहसील जारनवाला (पाकिस्तान) का उदाहरण देते कहा कि आजादी के बाद हमारे देश के नेता ऐसे पवित्र स्थानो को सुरक्षित तक नहीं रख सके और अपने स्वार्थ के लिए देश का बंटवारा करवा दिया। धनखड़ ने कहा कि जिन शहीदों की तीन-तीन पीढ़ियों ने देश को आजाद कराने के लिए संघर्ष किया, यह उनका सरासर अपमान है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा को यह गौरव प्राप्त है कि सेना में 10 प्रतिशत सैनिक हरियाणा से हैं और युद्धों तथा सीमाओं की रक्षा में बलिदान देने वाले सैनिकों की संख्या 25 प्रतिशत है। ऐसे शहीदों को भूलना नहीं चाहिए, बल्कि युवा पीढ़ी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि उनमें देशभक्ति का जज्बा बना रहे। इसी बात को लेकर आजादी के 75वें दिवस को यादगार बनाने के लिए प्रदेश में शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि तिरंगा, जो देश के साथ-साथ हर भारतीय की आन, बान और शान है, को सम्मान देना भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है।
किसान आंदोलन का जिक्र करते उन्होंने कहा कि इससे जुड़े लोग आंदोलन के नाम पर राजनीतिकरण में लगे हैं, इसके अलावा कुछ नहीं। जन-धन की हानि ही उनकी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के हित में बहुत से काम किए हैं। स्वामीनाथन रिपोर्ट की अधिकतर सिफारिशों को लागू किया, फसलों के खराबे पर मुआवजे को बढ़ाकर 6 से 12 हजार किया और इस प्रकार 4 हजार करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के रूप में पहुंचाए। इसी प्रकार प्रदेश में किसानों को गन्ने का 350 रूपये प्रति क्विंटल सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है, किसानों का बाजरा 2150 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा गया। किसानों के हित के लिए यह सरकार प्रतिबद्ध बनी रहेगी।
अपने उद्बोधन से पहले प्रदेश अध्यक्ष ने घरौंडा उपमंडल के शहीद परिवारों की वीरांगनाओं व उनके परिजनों को शाल व लोई देकर सम्मानित किया। इनमें शहीद दीवान चंद निवासी बसी अकबरपुर की पत्नी रेशमा देवी, शहीद बलजीत सिंह डींगर माजरा की पत्नी अरूणा रानी, शहीद मनोज कुमार की माता कुसुम देवी, शहीद सुल्तान सिंह की पत्नी सुमन लता, शहीद मल्खान सिंह की पत्नी कांता देवी, शहीद सुखबीर सिंह के पुत्र सागर तथा शहीद सूबे सिंह संधू की पत्नी शांति देवी को सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में पधारे करनाल के सांसद संजय भाटिया ने शहीदो का स्मरण कर उन्हें अपने शब्दों से विनम्र श्रद्धांजलि दी और कहा कि आज हम सभी जिस खुली हवा और आजादी से सांस ले रहे हैं, वह शहीदों की बदौलत है। युवा पीढ़ी इतिहास को भूलती जा रही है, उन्हें याद दिलाने और उनमें देशभक्ति का जज्बा भरने के लिए शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिससे हमारी एकता और भी सुदृढ़ हुई है।
घरौंडा विधानसभा के विधायक व तिरंगा यात्रा के संयोजक हरविन्द्र सिंह कल्याण ने प्रदेशाध्यक्ष और सांसद का घरौंडा पधारने पर एकत्रित जनसमूह की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में एक महत्व छिपा है, जिस तरह से देश में दशहरा, दीवाली, गुरु पर्व और ईद को लोग हर्षोल्लास से मनाते हैं, उनके पीछे बुराई पर अच्छाई की पृष्ठभूमि है। इन दिवसों को लोग त्यौहार के रूप में लेते हैं। स्वतंत्रता दिवस भी किसी त्यौहार से कम नहीं। यह राष्ट्रीय पर्व है, क्योंकि लम्बे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली थी। उसी आजादी को समर्पित आज प्रदेश में शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा के आयोजन से न केवल शहीदों का सम्मान किया जा रहा है, बल्कि इससे युवाओं में नई ऊर्जा का संचार भी हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में हर वर्ग और क्षेत्र का विकास हो रहा है। कोरोना काल में भी विकास कार्यों की गति बेशक धीमी रही, लेकिन रूकी नहीं। भाजपा की सरकार और इसके कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंद लोगों को दवाई, भोजन और अस्पतालों में जाकर ऑक्सीजन जैसी जरूरतें मुहैया करवाई।
नई अनाज मंडी में आयोजित इस कार्यक्रम में घरौंडा हल्का से लोग विशेषकर युवा प्रात: से ही इकठ्ठा होना शुरू हो गए थे, जिनमें युवा, अधेड़ और महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ और चहल-पहल बनी रही। मंच पर मौजूद नेताओं ने सबसे पहले शहीदों के चित्र पर अर्पित किए, दीप प्रज्वलित कर, भारत माता का जयकारा और वंदे मातरम का गायन किया। खास बात यह थी कि कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित लोग अपने हाथों में तिरंगा लेकर उसे हर्षोल्लास के साथ लहराते रहे। वजीरपुर टिटाना गांव की बीन पार्टी ने शहीदों की याद में स्वर लहरी प्रस्तुत कर जनता का मनोरंजन किया। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष ओ.पी. धनखड़ ने मंच से बताया कि मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर के छोटे भाई गुलशन खट्टर का आकस्मिक निधन हो गया है और आज ही उनका संस्कार है। इस पर दिवंगत गुलशन खट्टर और देश के महान शहीदों को श्रद्धांजलि देने के मकसद से एकत्रित सभी ने 2 मिनट का मौन धारण किया।
इसके पश्चात अनाज मंडी में उपस्थित जनसमूह ने शहीद सम्मान तिरंगा यात्रा में शरीक होकर घरौंडा की रेलवे रोड पर यात्रा निकाली। उनके स्वागत के लिए जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे। भाजपा के विभिन्न मण्डलों की ओर से यात्रा में आजादी के महत्व और शहीदों के बलिदान को याद दिलाती झांकियां भी शामिल की गई थी। यात्रा के दौरान पुरुष, महिलाओं व बच्चों ने सड़क किनारे और छतों पर खड़े होकर यात्रा का स्वागत किया। तिरंगा यात्रा का समापन अनाज मंडी में ही हुआ।

























