करनाल – भारत विकास परिषद कर्ण शाखा एवं राजकीय कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में परिषद के सांस्कृतिक पखवाड़े के अंतर्गत “श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, बलिदान एवं शिक्षाएँ” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करीब 18 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने ओजस्वी भाषणों के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी के महान जीवन, अद्वितीय बलिदान तथा मानवता, धर्म और सत्य के प्रति उनके आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सरदार गुलाब सिंह मुनक मुख्य अतिथि तथा रिचा चावला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सरदार गुलाब सिंह मुनक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, साहस और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का जीवन समाज को निस्वार्थ सेवा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।
भारत विकास परिषद कर्ण शाखा की अध्यक्ष डॉ. रचना चौधरी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और उनका बलिदान केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, सत्य, मानवता एवं सर्वधर्म रक्षा का अमर संदेश है। युवाओं को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।
प्रतियोगिता में देवांशी ने प्रथम, निकिता ने द्वितीय तथा कोमल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को भारत विकास परिषद कर्ण शाखा की ओर से मेडल एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। परिषद की ओर से उपस्थित छात्राओं के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी की गई।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पाठी सरदार परगट सिंह, रिचा चावला, नीरू अत्रेजा एवं ज्योति चौधरी शामिल रहे। इस अवसर पर परिषद के वरिष्ठ सदस्य कपिल अत्रेजा, डॉ. आशीष पसरीचा, प्रणव जावा, सीमा जावा, डॉ. रचना चौधरी, विवेक अत्रेजा, नीरू अत्रेजा, अजय आर्य, अभय अरोड़ा एवं ज्योति चौधरी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर जी के महान आदर्शों, उनके अद्वितीय बलिदान एवं शिक्षाओं से परिचित करवाते हुए साहस, सत्यनिष्ठा, सेवा, संस्कार, मानवता और मानवाधिकारों जैसे मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना रहा।

























