करनाल –
आयुष विभाग करनाल के जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ0 ब्रह्म शर्मा ने बताया कि आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ0 साकेत कुमार आई0ए0एस0 के मार्गदर्शन में तथा जिला प्रशासन करनाल से माननीय अतिरिक्त उपायुक्त महोदया के दिशा निर्देशन में हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशानुसार जिला करनाल में 8वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 को सफलतापूर्वक मनाने के लिए योग प्रोटोकॉल के प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ ब्रह्म शर्मा ने बताया हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार 8वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए जिला स्तर व ब्लाक स्तर पर 9 जून से 11 जून तक 3 दिवसीय से योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए हैं आज इन शिविरों के दूसरे दिन जिला स्तर व खंड स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया गया यह शिविर 9 जून से 11 जून तक बीडीपीओ कार्यालय घरौंडा, इंद्री, असंध, नीलोखेड़ी, कुंजपुरा, निसिंग और मूनक में प्रात: 6 से 7.30 बजे तक लगाए जा रहे हैं इसके ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षण शिविर की सभी व्यवस्थाएं संबंधित बीडीपीओ ब्लॉक स्तर की आयुष विभाग की टीम के साथ मिलकर कर रहे हैं इसी प्रकार जिला करनाल में योग पार्क सेक्टर 12 में आयोजित किया गया है।
डॉ0 अमित पुंज जोकि आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ तथा नोडल अधिकारी हरियाणा योग आयोग करनाल ने बताया कि आज 400 से अधिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने जिला करनाल तथा विभिन्न ब्लॉकों में योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण में भाग लिया। इसी प्रकार आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय योग प्रशिक्षण शिविर 13 जून से 15 जून तक प्रात: 6 से 7.30 तक योग शेड फव्वारा पार्क सेक्टर 12 में आयोजित किया जाएगा जिसमें माननीय सांसद महोदय तथा जिला करनाल के सभी विधायक एवं सभी अधिकारी तथा कर्मचारी भी योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण लेंगे।
आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य मे अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का अभ्यास विभिन्न योग समितियों द्वारा 111 योग कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न योग समितियों द्वारा प्रात: 5 से 7 तक योग शिविर लगाए जा रहे हैं। आज योग प्रशिक्षण का कार्य पतंजलि योग समिति से राव सूर्य देव, मेरा मिशन स्वस्थ भारत से श्री दिनेश गुलाटी तथा आयुष विभाग करनाल से डॉक्टर अमित पुंज द्वारा करवाया गया। योगाभ्यास से पूर्व हमें कुछ आवश्यक सावधानियों पर अवश्य ध्यान देना चाहिए तभी योगाभ्यास से हमें लाभ मिल सकता है अन्यथा कुछ नुकसान भी हो सकता है।
1.योगासन करने से पूर्व हमें शौच तथा स्नान आदि से निवृत हो जाना चाहिए
2. योगासन करने के 1 घंटे पश्चात ही स्नान करना चाहिए ढ्ढ
3. योगासन समतल भूमि पर आसन बिछाकर करना चाहिए मौसम के अनुसार भी वस्त्र पहनने चाहिए
4.योगाभ्यास खुले तथा हवादार स्थान पर करना चाहिए आसपास का वातावरण शुद्ध होना चाहिए
5. योगाभ्यास करते समय अनावश्यक जोर नहीं लगाना चाहिए, आसनों का अभ्यास आसानी से करना चाहिए कठिनाई से नहीं।
6.महिलाओं को मासिक धर्म की स्थिति में कठिन योगाभ्यास नहीं करना चाहिए।
7. गर्भावस्था, बुखार, गंभीर रोग आदि के दौरान योगाभ्यास योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।
8. योगाभ्यासी को सम्यक आहार अर्थात भोजन प्राकृतिक और उतना ही लेना चाहिए जितना कि पचने में आसानी हो। वज्रासन को छोड़कर सभी आसन खाली पेट करें।
9. आसन के प्रारंभ और अंत में विश्राम करें। आसन विधिपूर्वक ही करें। प्रत्येक आसन दोनों ओर से करें एवं उसका पूरक अभ्यास करें।
10. यदि आसन को करने के दौरान किसी अंग में अत्यधिक पीड़ा होती है तो किसी योग चिकित्सक से सलाह लेकर ही आसन करें।
11. यदि वात रोगों में, अत्यधिक उष्णता या रक्त अत्यधिक अशुद्ध हो तो सिर के बल किए जाने वाले आसन न किए जाएं। विषैले तत्व मस्तिष्क में पहुंचकर उसे क्षति न पहुंचा सकें, इसके लिए सावधानी बहुत महत्वपूर्ण है।
12. योग प्रारम्भ करने के पूर्व सूक्ष्म व्यायाम करना आवश्यक है।
अंतत: आसनों को किसी योग्य योग चिकित्सक की देख-रेख में करें तो ज्यादा अच्छा होगा।
आज योग साधकों ने अंतरराष्ट्रीय योग प्रोटोकोल के तहत प्रार्थना के साथ शिविर शुरू किया गया जिसके बाद ग्रीवा चालन , स्कंध खिंचाव , स्कंध चक्र ,कटीशक्ति संचालन, घुटना संचालन, ताडासन, पादहस्तासन, वृक्ष आसन, त्रिकोण आसन , अर्ध चक्रासन, दण्डासन ,भद्रासन ,वज्रासन ,अर्ध उष्ट्रासन ,उष्ट्रासन ,शशाकासन ,उत्तानमंडूकासन ,वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन ,सेतुबंध आसन ,उत्तानपाद आसन, अर्धहलासन ,पवन मुक्तआसन, शवासन / योग निद्रासन व प्राणायाम के अंतर्गत कपालभाती प्राणायाम ,अनुलोम विलोम प्राणायाम, शीतली प्राणायाम , भ्रामरी प्राणायाम व धयान आदि का प्रशिक्षण दिया गया। संपूर्ण विश्व की शांति के लिए संकल्प लेने के पश्चात सभी जगह योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिविर का समापन शांति पाठ के साथ किया गया।
विभिन्न योग संस्थान पतंजलि योग समिति, मेरा मिशन स्वस्थ भारत, भारतीय योग संस्थान, दिव्य योग मंदिर, करण योग एसोसिएशन सहित सभी योग का शिक्षण प्रशिक्षण करने वाली संस्थाओं का, उनके योग शिक्षकों का इस सफल आयोजन में सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर आयुष विभाग के डॉ नितिन, डॉ सुनील, डॉ अंजना, डॉ मनप्रीत, डॉ भावना, डॉ अमनदीप, डॉ राजरानी, डॉ शीतल,नरेश कुमार, जितेंद्र, रमेश कुमार, रिंकू, ऋषि कांत, गुरदयाल, श्रीमती भानु, श्रीमती अंजु, श्रीमती रमनदीप इत्यादि मौजूद रहे।
























