रिपोर्ट -प्रवीण भारद्वाज /पानीपत -विश्व प्रसिद्ध औद्योगिक नगरी पानीपत में कोरोना संक्रमण के चलते एक महीने के लॉकडाउन के चलते जहां विकास और निर्माण कार्य पूरी तरह से थमे हैं वहीं, इससे उद्योगों को अब तक 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है। व्यापारियों ने कहा है कि अभी और भी अधिक नुकसान होने की आशंका रही है । उन्होंने बताया कि कई हजार करोड़ की पेमेंट भी अधर में लटकी हुई है l
पानीपत में तकरीबन 10 हजार के करीब छोटे बड़े उद्योग बंद होने की वजह से उद्योग जगत को सबसे बड़ी चपत लगी है, जिससे उभरना एक बड़ी चुनौती होगी। एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ललित गोयल ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रोजाना लगभग 200 करोड़ का नुकसान छोटे एवं बड़े उद्योगों को हो रहा है। ललित ने बताया कि अब तक पानीपत के करीब 2 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। तैयार माल जा नहीं रहा है और नए ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं । जिसका खामियाजा उन्हें कई साल भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि ऑर्डर कैंसिंल होने, कच्चा माल खराब होने, लेबर छोड़ के चले जाने की वजह से उद्योगों को जिले में में अभी तक एक महीने में 2 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने का आंकलन किया गया है।
वहीं एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव व् बिजनेसमैन बैभव पालीवाल ने कहा कि संकट तो अभी शुरू हुआ है। पहले माल जा नहीं रहा अब बनाये कैसे। उन्होंने भरोसा भी जताते हुए कहा की जर्मनी ,अमेरिका व् अन्य कई देशों ने चाइना से माल लेना बंद करने के बाद पानीपत के के हेंड मेड प्रोजेक्ट को बल मिलेगा। उन्होंने इस विपत्ति की घडी में सरकार के साथ चलने की अपील भी की। वंही सरकार से जो मजदूर यहां रह रहे हैं उनके लिए आर्थिक सहायता मुहैया करने की भी अपील की।

























