रिपोर्ट -कांता पाल /नैनीताल- नैनी झील में विलुप्त हुई मछलियों के संरक्षण व पुनः जीवन देने का जिम्मा कुमाऊं विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग द्वारा लिया गया है ,जिसके तहत दिल्ली के बायोफ्लाँक फिश टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर ये काम होगा। कुमाऊं विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग में कार्यशाला हुई l इस कार्यशाला में दिल्ली के वैज्ञानिकों के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शामिल हुए। जंतु विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया l कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने की तकनीक सिखाई जाएगी l कुमाऊं विश्वविद्यालय अब जल्द नैनीताल की नैनी झील में विलुप्त मछलियों के संरक्षण के लिये काम करेगा और इसको रोजगार से जोड़ेगा।
























