नैनीताल – दीक्षांत समारोह में फिरंगी ड्रेस की बजाए पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखी

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कान्ता पाल/ नैनीताल – कुमाऊँ  विश्वविद्यालय ने आज एक और इबादत लिखी है। दीक्षांत समारोह से फिरंगी ड्रेस को खत्म किया है तो पहाड़ के संस्कृति की झलक पेश की है, 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत ड़ोभाल को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है तो छात्रों ने भी अपनी भविष्य की राह चुनने की उड़ान भरी है।
कुमाऊँ  विश्वविद्यालय में आज का दिन खास रहा है। झलकियां 14वें दीक्षांत समारोह की है। वैदिक मंत्रों के साथ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहली बार शोभा यात्रा निकाली गई तो उत्तराखण्ड के परिधानों में शोधार्थी व मुख्य अतिथि दिखे। कुमाऊंनी टोपी और पहाड़ी ड्रेस के साथ सभी डीएसबी परिसर के हाल में पहुंचे तो चारों ओर तालियों से स्वागत हुआ। पहाड़ी परम्परा में पहली बार आयोजित इस दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत ड़ोभाल को कुलाधिपति के के पाल द्वारा मानद उपाधि दी गई, 42 छात्रों को कुलपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया तो 242 शोधार्थियों को भी उपाधि प्रदान की गई है,इसके साथ ही विश्वविद्यालय से पास छात्रों को भी डिग्री राज्यपाल द्वारा प्रदान की गई है। मौका  राज्यपाल के के पाल समेत अन्य अतिथियों से मैड़ल लेने का था तो उत्साह तो छात्रों में होना ही था।
दीक्षांत  समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजीत ड़ोभाल ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वो  विश्वविद्यालय के साथ राष्ट्र के निर्माण में अपनी ना सिर्फ भूमिका निभाएं बल्कि अपना रास्ता स्वयं ही बनायें वहीं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने छात्रों के लिये नये प्रयासों का फायदा लेकर अपने राज्य व देश के लिये कुछ करने की अपील की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी छात्रों को राज्य में रहकर स्वरोजगार की ओर अपना रास्ता तैयार करने को कहा, कुलाधिपति राज्यपाल के के पाल ने कहा कि  विश्वविद्यालय से रोजगार के अवसर युवाओं को मिलेगा।