रिपोर्ट -कांता पाल/नैनीताल -गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने को लेकर जहां भाजपा में खुशी की लहर है वही राज्य आंदोलनकारी वह कांग्रेसी नेता जनविरोधी नीति के खिलाफ बता रहे हैं भाजपा मुख्यमंत्री के इस पहल को लेकर खुश है वह पलायन वह बेरोजगारी दूर होने की बात कह रही है क्योंकि ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने से यहां का युवा पलायन नहीं करेगा आने वाले समय में और उद्योग पहाड़ी क्षेत्र में लग सकेंगे लेकिन राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड क्रांति दल का कहना है कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी बना कर, उत्तराखंड राज्य निर्माण की मूल भावना से भाजपा की सरकार ने खिलवाड़ और खूबसूरत मजाक किया है , गैरसैंण को सरकार पूर्णकालिक राजधानी घोषित करती तो कह सकते थे कि उसके जेहन में उत्तराखंड के समग्र विकास की सोच है। बतौर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हमने पहाड़ के विकास की सोच का केन्द्रबिंदु उसकी राजधानी के रूप में सजोया था और उसमें केवल एक ही नाम ग़ैरसैण हर पहलू पर विचार कर फाईनल किया था, कारण था वहां एक राज्य की राजधानी बनने की सारी विशेषताएं पहले से मौजूद थी ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री यह भूल गये कि पहाड़ की राजधानी पहाड़ में ही होने से ही पहाड़ के समग्र विकास की सोच कार्यरूप लेती ,लेकिन ऐसा न कर भाजपा ने एकबार फिर उत्तराखंड के जनमानस को धोखा दिया है ठीक वैसे ही जैसे पहले उत्तराखंड गठन के दिन देहरादून को अस्थाई राजधानी घोषित करना।
























