करनाल- जिला में पुन: कोरोना के बढ़ते हुए मामलों पर अंकुश लगाने हेतु रविवार को सिविल सर्जन डॉ० योगेश शर्मा की अध्यक्षता में सिविल सर्जन कार्यालय में एक आपातकालीन मीटिंग हुई, जिसमें उप सिविल सर्जन डॉ० नीलम वर्मा, डॉ० सरोज, डॉ० मंजु पाठक तथा जिला में कार्यरत सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी अधिकारियों को कोरोना के बढ़ते हुए मामलों की रोकथाम हेतु सैम्पलिंग तथा टीकाकरण पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
उन्होंने बैठक में सभी प्रोग्राम अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी तथा चिकित्सा अधिकारियों को 8 मार्च से अपने-अपने ऐरिया में एक सप्ताह तक 3-3 स्कूलों में नियमित तौर पर अपने स्टाफ सहित जाएंगे, जहां वे स्कूल के प्रबंधक व अध्यापकों को कोविड-19 के बचाव हेतु सावधानियों का पालन करने बारे बताएंगे। जैसा कि स्कूल में आने वाले हर बच्चे का स्कूल के गेट पर ही थर्मल स्कैनर से चेक किया जाए तथा कक्षा में हर बच्चे का ठीक तरह से मास्क पहनना जरूरी होना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए बैंच पर एक ही बच्चा बैठना चाहिए और हर कक्षा में सेनेटाईजर भी जरूर होना चाहिए। बच्चों को आधी छुट्टी के दौरान कक्षा से बाहर ना जाने दिया जाए और लंच भी क्लास रूम में होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कक्षा में यदि अध्यापक को किसी भी बच्चे में कोई भी खांसी, जुकाम के लक्षण नजर आए तो वह तुरंत उस बच्चे को अन्य बच्चों से अलग करते हुए उस बच्चे को उसके घर पहुंचाएं तथा अभिभावकों को बताए कि वह उस बच्चे तथा परिवार वालों के तुरंत कोरोना के टैस्ट करवाएं और इस बारे स्कूल प्रबंधक स्वास्थ्य विभाग को भी सूचित करें। यदि किसी स्कूल में कोविड-19 के नियमों की पालना नहीं की जा रही तो आप इस बारे मुख्यालय तथा शिक्षा विभाग को रिपोर्ट करें।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में कोविड-19 के सैम्पल अधिक से अधिक करवाएं। जिला में हर रोज कम से कम 2000 से 2500 सैम्पलिंग अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में जाकर राजनीतिक लोगों, पार्षद, सरपंच व आम जनता का टीकाकरण करवाने बारे जागरूक करें तथा इस बाबत मन्दिर व गुरूद्वारों से मुनादी करवाई जाए।























