रिपोर्ट – कान्ता पाल /नैनीताल -जिलाधिकारी धीरज सिंह गर्ब्याल के आदेशों के क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा दर्जन भर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। इस कार्यवाही के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट भी मौजूद थी। छापेमारी की कार्यवाही सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य तहसीलदार नितेश डांगर ने संयुक्त रूप रेलवे स्टेशन तथा ट्रांसपोर्ट नगर में वेल्डिंग की दुकानों पर प्रयोग हो रहें अनाधिकृत 54 ऑक्सीजन गैस सिलेंडर जब्त किये। इनका व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच के दौरान एक डाॅक्टर जिनका ऑक्सीजन लेवल 96 था वह भी ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद रहे थे जब अधिकारियों ने कहा कि जब आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत नही है तो आप सिलेंडर क्यों ले रहे है। इस पर उन्होने तर्क दिया यदि ऑक्सीजन लेवल घट गया तो यह काम आयेगा। इस पर जब अधिकारियों ने उनकी लताड लगाई तो वह भाग खड़े हुए। अधिकारियों ने गैस सप्लायर्स को निर्देश दिये वे वह गैस सिलेंडर, डॉक्टर का पर्चा, कोविड रिपोर्ट तथा आधार कार्ड देने पर ही ईशू करें तथा ले जाने वाले को यह हिदायत दें कि तीन दिन के भीतर खाली या भरा सिलेंडर वापस करें अन्यथा की दशा में उसकी जानकारी प्रशासन को दें ताकि ऐसे लोगो के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
अधिकारियों की टीम ने सुशीला तिवारी अस्पताल के पास लगभग आधा दर्जन मेडिकल स्टोरों में छापेमारी की। जहां पता चला कि लोग एक-एक महीने के लिए पैरासिटामोल खरीद रहे है। ऐसी बिक्री को कोई भी स्टॉक देखने को नहीं मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ने मेडिकल संचालकों को हिदायत दे कि जो लोग पेरासिटामोल या अन्य दवाई खरीद रहें है उनका पूरा विवरण पता व मोबाईल नम्बर सहित रजिस्टर में अकंन करें तथा दिये जाने वाले दवाई के लिए डाॅक्टर का पर्चा अनिवार्य रूप से देखे है। थोक में दवाएं न दी जाये। ऋचा सिंह ने हिदायत दी की ओवर रेट न की जाये विक्रेताओं को बिल अवश्य दिया जाये। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर से ओवर रेट या दवाइयों के ऊंचे दामों पर बिक्री की सूचना मिलती है तो आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
























