रिपोर्ट -कांता पाल /नैनीताल – लगभग 77 करोड़ की लागत से नैनीताल के रूसी गांव बन रहे एसटीपी प्लांट से गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। यही कारण है कि ग्रामीण अब सरकार के विकास कार्य को गाँव के लिए विनाश कार्य बता रहे है। क्षेत्र में हो रहे लगातार हो रहे भूस्खलन से करोड़ो की लागत से बनाए जा रहे एसटीपी प्लांट के साथ ही रूसी, ज़मीरा और सौलिया गाँव को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों आरोप लगा रहे है कि एसटीपी प्लांट निर्माण के दौरान भूस्खलन की जद में आने से ग्रामीण अपना घर छोड़कर दूसरे के घरों में आसरा लेने को मजबूर है।
वही जिला पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे का कहना है कि उनके द्वारा पूर्व में ही जिला प्रशासन और एसटीपी को अवगत कराया दिया गया था रूसी गांव में जिस भूमि प्लांट बनाया जा है वो असुरक्षित क्षेत्र है बावजूद इसके भू वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में प्लांट बनाने के भूमि चयनित की गई। जिसके चलते आज 3 गांव खतरे की जद में है। उन्होंने कहा अगर यहां पर एसटीपी द्वारा कार्य नहीं रोका गया तो 3 गांवों के लोग जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। और क्षेत्र में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए एसटीपी जिम्मेदार होगी।

























