करनाल -परिवार पहचान पत्र बनने से योजनाओं का लोगों को सीधा लाभ मिलेगा -उपायुक्त 

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करनाल – उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार का परिवार पहचान पत्र बनाने का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के घर-द्वार पर ही सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों एवं सेवाओं का पारदर्शितापूर्ण तरीके से सीधा लाभ मिले तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगे। डिजिटलाईजेशन के इस युग में परिवार पहचान पत्र बनाने की देश में हरियाणा प्रदेश ने एक अनूठी पहल है, इससे अब हर पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि जिला में करीब 2 लाख 76 हजार 803 परिवारों का डाटा तैयार हो चुका है जिनमें से अधिकांश की वैरिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है, शेष पर कार्य जारी है। जिन परिवारों ने अब तक परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए आवेदन नहीं किया है, उनकी सुविधा के लिए आगामी 27, 28, 29 व 30 अगस्त तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कैंप लगाकर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस मौके पर जिन परिवारों के पहचान पत्र बनकर तैयार हो चुके हैं उनके वितरण का कार्य भी किया जाएगा। अगले 3 माह में हरसंभव परिवार पहचान पत्र को सरकार की सेवाओं एवं योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रैंसिंग के बाद मीडिया से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला से वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से परिवार पहचान पत्र वितरण कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय मंत्री रतन लाल कटारिया, मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, एसीएस सुप्रभा दहिया उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले जुड़े हुए थे। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधि की उपस्थिति में परिवार पहचान पत्र बांटे गए। इसी कड़ी में करनाल जिला में भी 20 परिवारों को परिवार पहचान पत्र वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र बनने से अब कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजना का लाभ उठाने से वंचित नहीं रहेगा बल्कि जिस दिन वह परिवार या व्यक्ति सरकार की किसी भी योजना के लिए पात्र बन जाएगा, डाटा के अनुसार संबंधित व्यक्ति के मोबाईल पर सरकार की ओर से संदेश मिलेगा कि आप इस योजना का सरल केन्द्र पर जाकर लाभ उठाएं। अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही बार-बार सर्वे की आवश्यकता रहेगी, एक बार जो डाटा व्यक्ति ने दे दिया उसी से योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी परिवार द्वारा दिए गए डाटा में कोई त्रुटि है या कोई बदलाव करवाना चाहता है तो वे तुरंत नजदीक के सीएससी में जाकर उसे ठीक करवा सकते हैं। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि जिन व्यक्तियों ने अब तक अपना परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन नहीं किया है वे नजदीक के सीएससी केन्द्रों पर जाकर अपना पहचान पत्र अवश्य बनवाएं और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने यह भी बताया कि जिला में परिवार पहचान पत्र बनाने के कार्य को सफल बनाने के लिए अतिरिक्ति उपायुक्त को नोडल बनाया गया है।