नैनीताल -पहाड़ों में उप मंडी नहीं होने से औने पौने दाम में बेचनी पड़ रही है काश्तकारों को अपनी फसल

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रिपोर्ट – कान्ता पाल /नैनीताल – उत्तराखंड बनने के 20 साल बाद भी नैनीताल के भीमताल विधानसभा क्षेत्र के धारी, मुक्तेश्वर, ओखल कांडा क्षेत्र में उप मंडी नही बनने से पहाड़ के काश्तकारों को अपने फल और फसल हल्द्वानी की मंडियों में औने पौने दाम बेचना पढ़ रहे है जिस कारण काश्तकारों को नुकसान ही नुकसान उठाना पड़ रहा है। वैसे तो नैनीताल को पर्यटन नगरी के नाम से जाना जाता है जहां हर साल लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां का रुख करते हैं तो वहीं दूसरी ओर नैनीताल का धारी, रामगढ़, मुक्तेश्वर, ओखल कांडा क्षेत्र फलों और फसल के लिए मशहूर है इन क्षेत्रों में पहाड़ी फल पुलम,आडू, खुमानी की बंपर पैदावार होती है और इन रसीले फलो की देशभर में मांग है धारी और ओखल कांडा क्षेत्र को मौसमी और बेमौसमी सब्जियों के लिए जाना जाता है भीमताल विधानसभा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र हैं यहां की की 90% जनता काश्तकारी पर अपना जीवन निर्वहन करती है जिस वजह से स्थानीय काश्तकार उत्तराखंड बनने के बाद से राज्य सरकार से अपने गांव में दो उप मंडी बनवाने की मांग कर रहे हैं ताकि ग्रामीण अपने गांव में होने वाली फल और फसल को इन उप मंडियों के माध्यम से भेज सकें जिससे गांव के काश्तकारों को कुछ मुनाफा हो। लेकिन आज तक इन ग्रामीणों की इस मूलभूत सुविधा की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया उत्तराखंड बनने के बाद यहां दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां भाजपा और कांग्रेस का बारी-बारी से शासन किया परन्तु आज तक इन ग्रामीणों की सुध किसी ने नहीं ली जिस वजह से आज काश्तकार बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर है।
स्थानी काश्तकारों का कहना है उनके क्षेत्र में होने वाली फसल को बेचने के लिए ग्रामीणों को रोजाना गांव से करीब 80 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर हल्द्वानी की मंडी में अपने फल फसल को बेचने जाना पड़ता है ऐसे में उन्हें काफी नुकसान हो जाता है तो वही 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक बने राम सिंह कैडा के द्वारा उनके गांव में उप मंडी बनाने की मांग की थी लेकिन चुनाव जीतने के बाद राम सिंह अपने वादे को भूल गए मंडी बनाना तो दूर जिन लोगों से वादा किया उन लोगों की सुध लेने भी राम सिंह कभी गांव की तरफ नहीं गए
क्षेत्र के काश्तकारों कहते हैं कि अगर उनके क्षेत्र के हर ब्लॉक में उप मंडी बन गई तो उनको उनकी फल और फसल का अच्छा दाम मिलेगा जिससे गांव से हो रहे पलायन पर रोक लगेगा साथ ही स्थानीय लोगों को गांव में ही रोजगार के अवसर मिल सकेंगे लिहाजा राज्य सरकार को उनके ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द से जल्द उप मंडी का निर्माण करना चाहिए।