रिपोर्ट -कांता पाल /रुद्रप्रयाग- द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्रर की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना हो गयी है। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली के कैलाश रवाना होने पर सैकड़ों श्रद्धालु डोली की अगुवाई कर रहे हैं। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए आज रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रांसी पहुंचेगी और भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मन्दिर रांसी से रवाना होकर अंतिम रात्रि प्रवास के लिए मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौंडार गाँव पहुंचेगी। 20 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्रर के कपाट वेद ऋचाओं के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेंगे।
आपको बता दें कि द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर में भगवान शिव के मध्य भाग की पूजा की जाती है और और भगवान मदमहेश्वर को न्याय का देवता माना जाता है। जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा लेकर यहां पहुंचता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
























