किशोर सिंह / अजमेर – राज्य सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को प्राइवेट स्कूलों के स्तर तक लाने के लिए पीपीपी मोड पर सरकारी विद्यालयों को देने के फैसले के बाद अब शिक्षक संघ के द्वारा इसका विरोध शुरू हो गया है l
आज अजमेर में राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के बैनर तले शिक्षकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर सरकार के इस फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया साथ ही जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर सरकारी विद्यालयों को पीपीपी मोड पर नहीं देने की मांग उठाई, राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के जिला अध्यक्ष हेम सिंह राठौड़ का कहना है कि वर्तमान में सरकारी विद्यालयों में पहले से ही डेढ़ लाख से ज्यादा अध्यापकों की कमी हैं लेकिन उसके बावजूद सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर काफी बेहतर हुआ है साथ ही पहले के मुकाबले सरकारी विद्यालयों में छात्र छात्राओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है वही शैक्षणिक वातावरण के साथ सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त मात्रा में संसाधन भी मौजूद हैं लेकिन इन सबके बावजूद राजस्थान सरकार ने प्रदेश के 300 सरकारी विद्यालयों को निजी हाथों में सौंपने का जो फैसला लिया है वह पूरी तरह से गलत है क्योंकि राजस्थान सरकार 15 हजार शिक्षकों के खाली पड़े पदों को समाप्त करना चाहती है और यह राजस्थान सरकार की एक सोची समझी साजिश है यही वजह है कि अब राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ होते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है l


























